भारत की आर्थिक वृद्धि को बाधित करता ढांचागत मुद्दा

2019-08-23 15:02:00

भारतीय केंद्रीय सांख्यिकी ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2018 से भारतीय आर्थिक वृद्धि दर धीमी हो रही है ।गतवर्ष की दूसरी तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर 8 प्रतिशत थी ,जबकि चौथी तिमाही में 6.6 प्रतिशत तक गिर पड़ी ।वर्ष 2019 की पहली तिमाही में वृद्धि दर 5.8 प्रतिशत दर्ज हुई ,जो पाँच साल में सब से नीचा स्तर है ।विश्लेषकों के विचार में भारतीय अर्थव्यवस्था सचमुच वैश्विक आर्थिक विकास का धीमा होने जैसे बाहरी प्रतिकूल तत्वों से प्रभावित है ,लेकिन आंतरिक ढांचागत सवाल आर्थिक वृद्धि बाधित करने वाला मुख्य कारण है ।

भारत के सकल घरेलू उत्पादन मूल्य (जीडीपी) में कृषि का अनुपात लगभग 17.3 प्रतिशत है ।लेकिन गतवर्ष से कृषि उत्पादों के मूल्यों में मंदी बनी रहती है और किसानों की आय बढ़ना कठिन है ,इस से ग्रामीण उपभोग की वृद्धि में मंदी आयी है ।

इधर कुछ साल भारत के विनिर्माण उद्योग में विकास की गति भी धीमी रहती है ।इसी कारण भारतीय उत्पादनों की प्रतिस्पर्द्धा शक्ति मजबूत नहीं है और रोजगार वृद्धि भी मुश्किल है ।

दूरगामी दृष्टि से सुधार से ही व्यवस्थित और ढांचागत सवाल दूर करने से भारतीय अर्थव्यवस्था को प्रेरणा मिलेगी ।भारतीय केंद्रीय बैंक के महानिदेशक शक्तिकंठ दास ने हाल ही में बताया कि भारत को भूमि और श्रम शक्ति जैसे पहलुओं में अधिक ढांचागत सुधार की जरूरत है ।(वेइतुंग)

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