टिप्पणी:प्रशासनिक तरीके से अमेरिकी कंपनियों को चीन से हटने के लिए मजबूर करने की कोशिश व्यर्थ होगी

2019-08-25 19:31:00

अमेरिका ने तीन खरब अमेरिकी डॉलर मूल्य चीनी वस्तुओं पर दस प्रतिशत अतिरिक्त कर वसूली लगाने का दावा किया। जबकि चीन को विवश होकर जवाबी कदम उठाने पड़ेंगे। इसे लेकर अमेरिका में कुछ व्यक्तियों ने अमेरिकी कारोबारों को चीन से हटने का आदेश दिया।

चीन और अमेरिका के बीच व्यापार घर्षण होने से अब तक कुछ अमेरिकी व्यक्तियों ने बार बार अमेरिकी कारोबारों से चीन से हट जाने का आह्वान किया। यह प्रशासनिक माध्यम से अमेरिकी कंपनियों को चीन से हटने के लिए मजबूर करने का संरक्षणवाद है। जिससे न केवल अमेरिकी कारोबारों की स्वतंत्रता को रोका जाएगा, बल्कि व्यापक दुनिया की अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। आज दुनिया में विभिन्न देशों के बीच स्थिर मूल्य, आपूर्ति और औद्योगिक श्रृंखला स्थापित हो चुकी हैं। बहुराष्ट्रीय निगम अपने अधिकतम लाभ के लिए बाजार अर्थव्यवस्था के नियमों के मुताबिक संसाधनों का वैश्विक आवंटन करते रहे हैं। वे किसी के प्रशासनिक आदेश का पालन नहीं कर सकेंगे। इसलिए अमेरिकी अर्थव्यवस्थाओं ने अमेरिका के कुछ व्यक्तियों के कथन का विरोध किया। अमेरिकी खुदरा महासंघ ने अपने वक्तव्य में कहा कि वैकल्पिक स्रोत खोजना एक उच्च और लंबी प्रक्रिया है, खुदरा विक्रेताओं के लिए दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था को छोड़ना अवास्तविक है। चीन के साथ व्यापार करने से हम विदेशी बाजार खोलने के साथ साथ अमेरिकी मजदूरों, व्यवसायों और उपभोक्ताओं के लिए अधिक अवसर बढ़ा सकते हैं। उधर अमेरिकी नेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स ने कहा कि चीन में अमेरिकी कंपनियों का निवेश दोनों देशों की जनता के हित में है, आशा है कि दोनों देश जल्द ही वार्ता की मेज पर लौट आएंगे। द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने कहा कि वियतनाम जैसे देश चीन से प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकते। अंततः हमें पता लगेगा कि उत्पादन के आधार को चीन से स्थानांतरित करना असंभव है।

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