चीन-श्रीलंका प्रत्यर्पण संधि की पुष्टि की गयी

2019-08-26 19:01:00

13वीं चीनी राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा की स्थाई समिति के 12वें सम्मेलन ने 26 अगस्त को चीन-श्रीलंका प्रत्यर्पण संधि की पुष्टि की। इस संधि की पुष्टि की जाना और उसका प्रभावी होना चीन और श्रीलंका के बीच कानूनी क्षेत्र में सहयोग की मजबूती और द्विपक्षीय संबंधों के संवर्धन के लिए मददगार साबित होगा।

इस संधि में 22 धाराएं शामिल हैं। चीनी उप विदेशीमंत्री ल य्वीछंग ने कहा कि चीन और श्रीलंका के बीच 1957 में कूटनीतिक संबंधों की स्थापना की गई। इसके बाद से लेकर अब तक द्विपक्षीय संबंधों का अच्छा विकास हो रहा है। इधर के सालों में दोनों देशों के बीच आर्थिक, व्यापारिक, मानविकी और रक्षात्मक क्षेत्रों में आवाजाही लगातार बढ़ती जा रही है। इस तरह द्विपक्षीय कानून सहयोग की मांग निरंतर उन्नत हो रही है।

गौरतलब है कि चीनी और श्रीलंकाई प्रतिनिधियों ने सितंबर 2014 में प्रत्यर्पण संधि को लेकर वार्ता की और संधि की सभी धाराओं पर सहमति प्राप्त की। 7 अप्रैल 2016 में दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने पेइचिंग में चीन-श्रीलंका प्रत्यर्पण संधि पर हस्ताक्षर किए।

(श्याओ थांग)

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