“चीन ब्रिटेन संयुक्त बयान”को बहाना बनाकर हांगकांग मामले पर हस्ताक्षर न किए जाएं- चीन

2019-08-27 18:31:02

रिपोर्ट के अनुसार, जी 7 शिखर सम्मेलन ने हाल ही में नेतागण बयान जारी कर“चीन ब्रिटेन संयुक्त बयान”की निरंतरता और महत्व को दोहराया और हिंसा को रोकने की अपील की। इसकी चर्चा करते हुए चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता कंग श्वांग ने 27 को पेइचिंग में कहा कि किसी भी देश और किसी भी संगठन के पास“चीन ब्रिटेन संयुक्त बयान”को बहाना बनाकर हांगकांग मामले पर हस्ताक्षर करने का अधिकार नहीं है।

उन्होंने कहा कि चीन जी 7 शिखर सम्मेलन के बयान में हांगकांग मामले पर हस्तक्षेप करने पर कड़ा असंतोष और दृढ़ विरोध करता है। हांगकांग का मामला चीन का अंदरूनी मामला है, किसी भी विदेशी सरकार, संगठन और व्यक्ति के पास इस पर हस्तक्षेप करने का हक नहीं है।

इस प्रवक्ता के अनुसार, हांगकांग में प्रदर्शन और हिंसक कार्रवाई दो महीने से जारी है, जिससे हांगकांग के कानूनी शासन, सामाजिक स्थिति, आर्थिक जन जीवन और अंतर्राष्ट्रीय छवि पर बड़ा प्रभाव पड़ा। हांगकांगवासियों समेत चीनी नागरिक हांगकांग की समृद्धि और स्थिरता का दूसरे से कहीं ज्यादा ख्याल रखते हैं। हम खुद अपने मामले का अच्छी तरह निपटारा कर सकेंगे। जी 7 के सदस्य इसका ज्यादा ख्याल न रखें और कुचेष्टा न रचें।

प्रवक्ता कंग श्वांग ने बल देते हुए कहा कि“चीन ब्रिटेन संयुक्त बयान”का अंतिम लक्ष्य और मूल विषय चीन में हांगकांग की वापसी को निश्चित करना और हांगकांग पर संप्रभुता के प्रयोग को बहाल करना है। हांगकांग की मातृभूमि में वापसी के बाद चीन सरकार संविधान और बुनियादी कानून के मुताबिक प्रबंधन और शासन करती है। अंतर्राष्ट्रीय कानून और अंतर्राष्ट्रीय संबंध के बुनियादी मापदंड के अनुसार, किसी भी देश और संगठन को“चीन ब्रिटेन संयुक्त बयान”को बहाना बनाकर हांगकांग मामले पर हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।

(श्याओ थांग)

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