टिप्पणी:अमेरिकी कारोबार चीनी बाजार से नहीं हट सकते

2019-08-28 19:32:00

चीन और अमेरिका के बीच व्यापार घर्षण से अमेरिका के कुछ व्यक्तियों ने अपने कारोबारों को चीनी बाजार से हट जाने का आदेश दिया। लेकिन अमेरिकी कारोबारों ने इसका सख्ती से विरोध किया। क्योंकि इन के लिए चीनी बाजार इन के संचालन के लिए अनिवार्य है।

चीन की 1.4 अरब जनसंख्या और 40 करोड़ मध्यम स्तरीय आय वाले लोग हैं। चीनी बाजार और चीनी उपभोक्ताओं की खपत की शक्ति विश्व में एक मात्र ही है। अमेरिकी खुदरा संघ ने कहा कि चीनी बाजार से हट जाना असंभव है। इसी कारण से विश्व के दायरे में आर्थिक मंदी होने के बावजूद चीन में विदेशी निवेश की स्पष्ट वृद्धि नजर आयी है। इस साल के पहले सात महीनों में चीन में नव स्थापित विदेशी कारोबारों की संख्या 24 हजार तक जा पहुंची, और चीन में वास्तविक रूप से उपयोगी विदेशी पूंजी की संख्या भी 5.3 खरब युआन तक रही। जो पिछले साल से 7.3 प्रतिशत अधिक रही। अमेरिकी कारोबारों ने भी चीन में बड़ी मात्रा में निवेश किया।

चीन विश्व में एक मात्र ऐसा देश है जिसे व्यापक औद्योगिक क्षमता प्राप्त है। चीन में बहुराष्ट्रीय कारोबारों के लिए संपूर्ण उत्पादन श्रंखला और आपूर्ति श्रंखला तैयार है। चीन की 200 किस्म की औद्योगिक उत्पादन वस्तुओं की संख्या विश्व में सबसे अधिक है। मिसाल के तौर पर एप्पल कंपनी के कुल आठ सौ आपूर्ति कारखानों में आधा भाग चीन में ही है। इस के अलावा चीन में संपूर्ण बंदरगाह, रेलवे और राजमार्ग प्रणाली भी मौजूद है। चीनी श्रमिकों की संख्या 90 करोड़ है और प्रति वर्ष 80 लाख कालेज छात्र स्नातक होते हैं। चीन में उच्च शिक्षित श्रमिकों की संख्या दूसरे देशों से बहुत अधिक है। तथ्यों से यह साबित हुआ है कि चीन को विश्व का कारखाना नाम एक दिन में ही नहीं मिला। अगर अमेरिका अपने कारोबारों को चीनी बाजार से हटवाना चाहता है तो यह बिल्कुल असंभव है और इससे विश्व अर्थतंत्र में उथल-पुथल पैदा हो जाएगी।

( हूमिन )

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