टिप्पणीः संपर्क व खुलेपन को मज़बूत करेंगे चीन व जर्मनी

2019-09-07 19:31:00

जर्मन चांसलर एंजेला मर्कल ने 7 सितम्बर को चीन की दो दिवसीय यात्रा पूरी की। यह उनके जर्मन चांसलर का पद संभालने के बाद 12वीं चीन यात्रा है।

लम्बे अरसे से चीन-जर्मनी संबंध चीन और अन्य पश्चिमी देशों के संबंधों से और घनिष्ट रहा है। हालिया चीन-अमेरिका व्यापार घर्षण के तीव्र होने की पृष्ठभूमि में मर्कल की चीन यात्रा ध्यानाजनक है। उन की चीन यात्रा से दो अहम संकेत दिखाई दिये। यानी चीन और जर्मनी ने संपर्क व समन्वय मजबूत करने की आवश्यकता व महत्वता की पुष्टि की। चीन के साथ सहयोग करने को लेकर जर्मनी बेहद उत्सुक है।

इस बार मर्कल ने जर्मनी के अनेक कारोबारों के सूत्रों को लेकर चीन की यात्रा की। दोनों प्रधानमंत्रियों ने चीन-जर्मनी आर्थिक सलाहकार कमेटी की संगोष्ठी में हिस्सा लिया। मर्कल ने कहा कि जर्मनी चीनी उद्यमों का जर्मनी में निवेश करने का स्वागत करता है। चीन जर्मनी के साथ ऑटोमोबाइल, तकनीक नवाचार, एआई आदि क्षेत्रों में सहयोग को गहराना चाहता है।

गौरतलब है कि मर्कल की मौजूदा चीन यात्रा में यह भी कहा गया है कि अन्य देशों की तरह चीन को भी विकास करने का अधिकार है। हमें चीन की विकास प्रक्रिया में बाधा नहीं डालनी चाहिए। चीनी जनता का सुखमय जीवन विश्व के विभिन्न देशों के हितों से भी मेल खाता है। हमें चीन-जर्मनी संबंध के विकास में सकारात्मक ऊर्जा फूंकनी चाहिए, सामरिक संपर्क व समन्वय को मजबूत करना चाहिए और बाजार को और खोलना चाहिए। चीन और जर्मनी के बीच अच्छा संबंध चीन-यूरोप संबंध और विश्व के विकास में सक्रिय प्रभाव भी डाल सकेगा।

(श्याओयांग)

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