तालिबान से युद्ध विराम और प्रत्यक्ष वार्ता करने का आग्रह किया- अफ़गान सरकार

2019-09-09 14:01:00

अफ़गानिस्तान के राष्ट्रपति भवन ने 8 सितंबर को बयान जारी कर कहा कि केवल तालिबान द्वारा युद्ध विराम स्वीकार करने और सरकार के साथ प्रत्यक्ष वार्ता करने से ही शांति की प्राप्ति होगी।

बयान में कहा गया कि तालिबान द्वारा छेड़ा गया लगातार युद्ध और हिंसक कार्रवाई अफ़गानिस्तान में शांति की राह में बाधा है। अगर तालिबान ने हिंसा बंद कर युद्ध विराम स्वीकार कर सरकार के साथ प्रत्यक्ष वार्ता शुरू न की, तो अफ़गानिस्तान में सच्चे मायने में शांति प्राप्त नहीं की जा सकती है।

अफ़गान सरकार ने कहा कि सरकारी प्रतिनिधिमंडल की भागीदारी के बिना, किसी भी शांति वार्ता में अनुमानित परिणाम नहीं मिलेगा। इसके पहले अमेरिकी सरकार ने तालिबान के साथ कई चरणों में शांति वार्ता की, दोनों पक्षों के बीच समझौते के मसौदे पर संपन्न हुए। तालिबान ने अफ़गान सरकार को अमेरिका के समर्थन वाली कठपुतली मानते हुए उसके साथ प्रत्यक्ष वार्ता का प्रस्ताव ठुकरा दिया।

गौरतलब है कि अक्तूबर 2018 से ही अमेरिकी सरकार और तालिबान के बीच कतर की राजधानी दोहा में शांति वार्ता शुरू हुई, जिसका लक्ष्य अफ़गान युद्ध के राजनीतिक समाधान वाला तरीका ढूंढना है। पहली सितम्बर तक वार्ता 9 चरणों में की गई, दोनों पक्षों के बीच समझौते के मसौदे संपन्न हुए। सार्वजनिक किए जाने वाले समझौते मसौदे से पता चला कि अमेरिका ने 135 दिनों में अफ़गानिस्तान से 5 हज़ार लोगों को हटाने का वचन दिया, वहीं तालिबान ने संगठन अल-कायदा के साथ संबंध तोड़ने, अतिवादी शक्ति आइएस पर हमला करने और सशस्त्र चरमपंथियों के तालिबान को आश्रय बनाने से रोकने का वायदा किया।

लेकिन 9वें चरण की वार्ता के दौरान और उसके बाद तालिबान ने अफ़गानिस्तान के विभिन्न स्थलों में कई हमले किए, जिनसे बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए। मृतकों में एक अमेरिकी सैनिक भी शामिल था।

(श्याओ थांग)

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