अमेरिका और तालिबान के बीच शांति-वार्ता टूटी

2019-09-12 14:31:02

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 8 सितंबर को तालिबान के साथ गुप्त वार्ता को रद्द करने की घोषणा की। इसके बाद अफगानिस्तान की स्थिति तनावपूर्ण होने लगी। 11 सितंबर को 9/11 आतंकवादी हमले की 18वीं बरसी है। इस मौके पर अफगानिस्तान स्थित अमेरिकी दूतावास के आसपास रॉकेट हमला हुआ। अफगान अधिकारी ने कहा कि अफगान सरकारी सेना और तालिबान के बीच उत्तर के कई शहरों में संघर्ष गंभीर हो रहे हैं।

अफगानिस्तान की ताजा स्थिति और भविष्य के बारे में अफगानिस्तान के मजार-ए-शरीफ स्थित पाकिस्तान के जनरल वाणिज्य-दूतावास के पूर्व कौंसल जनरल अयाज वजीर ने सीएमजी से साक्षात्कार में कहा कि डोनाल्ड ट्रंप का शांति-वार्ता को रद्द करने का कारण सिर्फ एक बहाना है। यह तालिबान द्वारा किया गया एकमात्र हमला नहीं है और यह पहली बार भी नहीं है, जिसमें अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गयी है। अभी तक तालिबान ने युद्ध विराम पर सहमति नहीं जतायी। इस लिए शांति वार्ता के दौरान तालिबान और अफगानिस्तान में तैनात अमेरिकी सेना व अफगान सरकारी सेना के बीच लड़ाई तो चल ही रही है। उसका सच्चा कारण है अमेरिकी उच्चस्तरीय अधिकारियों समेत कुछ अमेरिकी लोग खालिद रहमान और तालिबान के बीच संपन्न मसौदा समझौते पर सहमत नहीं हैं। इसलिए उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप पर दबाव डालकर शांति-वार्ता को रद्द करवाया।

मीनू

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