चीन सोलोमन द्वीप सरकार के एक चीन के सिद्धांत को मानने का प्रशंसक है

2019-09-17 17:31:05

सोलोमन द्वीप सरकार एक चीन के सिद्धांत को मानती है। उसने थाईवान के साथ तथाकथित कूनीतिक संबंध को तोड़ दिया और चीन के साथ कूटनीतिक संबंध स्थापित करने का फैसला किया। चीन इसका प्रशंसक है। इस से जाहिर है कि एक चीन का सिद्धांत सर्वमान्य है और यह बड़ा रूझान है और कोई भी इसे बाधित नहीं कर सकता। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ छुनयिंग ने 17 सितंबर को पेइचिंग में आयोजित नियमित संवाददाता सम्मेलन में यह बात कही।

जानकारी के मुताबिक 16 सितंबर को सोलोमन द्वीप की सत्तारूढ़ पार्टी के सम्मेलन में पक्ष में 27 मतों, विपक्ष में 0 मत और तटस्थ रहे 6 मतों से थाईवान क्षेत्र के साथ तथाकथित कूटनीतिक संबंध को तोड़ कर चीन के साथ कूटनीतिक संबंध स्थापित करने का अंतिम फैसला लिया। उस दिन सोलोमन द्वीप सरकार ने मंत्रिमडल सम्मेलन आयोजित कर उपरोक्त फैसले को पारित किया।

संवाददाता सम्मेलन में संबंधित सवाल के जवाब में प्रवक्ता हुआ छुनयिंग ने कहा कि चीन स्वतंत्र प्रभूसत्ता वाले देश होने के नाते सोलोमन द्वीप द्वारा किए गए इस महत्वपूर्ण फैसले का समर्थन करता है और सोलोमन द्वीप के साथ मिलकर द्विपक्षीय संबंध का नया युग शुरु करना चाहता है।

उन्होंने कहा कि विश्व में केवल एक चीन है। चीन लोक गणराज्य की सरकार चीन का प्रतिनिधित्व वाली एकमात्र कानूनी सरकार है। थाईवान चीन की प्रादेशिक भूमि का अभिन्न अंक है। यह बुनियादी तथ्य ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय समुदाय में सर्वमान्य आम सहमति है। एक चीन के सिद्धांत के आधार पर चीन 178 देशों के साथ औपचारिक कूटनीतिक संबंध स्थापित कर चुका है। 16 सितंबर को सोलोमन द्वीप ने पक्ष में 27 मतों और विपक्ष में 0 मत से एक चीन के सिद्धांत को माना और चीन के साथ कूटनीतिक संबंध स्थापित करने का फैसला किया। इससे एक बार फिर जाहिर है कि एक चीन का सिद्धांत सर्वमान्य है और बड़े रूझान के अनुकूल भी है, जिसे बाधित करना असंभव होगा। चीन सोलोमन द्वीप की सरकार के ऐतिहासिक मौका पकड़कर सही विकल्प करने का स्वागत करता है। (श्याओ थांग)

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