सोलोमन द्वीप के ताइवान के साथ संबंध टूटने पर अमेरिका को बात करने का अधिकार नहीं : चीन

2019-09-18 17:31:07

अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने हाल ही में यह दावा किया कि सोलोमन द्वीप ने ताइवान के साथ अपने राजनयिक संबंधों को खत्म करने का फैसला लिया। अमेरिका ने अपनी निराशा प्रकट की। इसे लेकर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता कंग श्वांग ने 18 सितंबर को कहा कि अमेरिका को प्रभुसत्ता प्राप्त देश द्वारा चीन के साथ राजनयिक संबंधों की स्थापना पर बात करने का अधिकार नहीं है।

चीनी प्रवक्ता ने कहा कि चीन लोक गणराज्य की सरकार पूरे चीन का प्रतिनिधित्व करने की एक मात्र ही कानूनी सरकार है। जबकि ताइवान चीन का अखंडनीय भाग है। एक चीन के सिद्धांत पर चीन ने विश्व के 178 देशों के साथ राजनयिक संबंधों की स्थापना की है। अमेरिका ने भी वर्ष 1979 में ही चीन के साथ राजनयिक संबंध स्थापित किये। इस तरह उसे सोलोमन द्वीप के चीन के साथ संबंध कायम करने पर बात करने का अधिकार नहीं है। प्रवक्ता ने कहा कि चीन सोलोमन द्वीप द्वारा एक चीन के सिद्धांत पर ताइवान के साथ संबंधों को तोड़ने और चीन के साथ राजनयिक संबंध कायम करने के फैसले की प्रशंसा करता है। चीन सोलोमन द्वीप के इस निर्णय का समर्थन करता है। रिपोर्ट है कि अमेरिका के उप राष्ट्रपति माइक पेंसे ने सोलोमन द्वीप के नेता से भेंट करने से इनकार किया। इस बात को लेकर चीनी प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका को प्रशांत महासागरीय द्वीपों को आर्थिक विकास और जन जीवन में सुधार लाने में मदद देनी चाहिये, न कि इन देशों के अन्दरूनी मामलों में हस्तक्षेप करना चाहिये।

प्रवक्ता ने अमेरिका से एक चीन के सिद्धांत तथा तीन चीन-अमेरिका संयुक्त विज्ञप्तियों का पालन करने और ध्यान से ताइवान से संबंधित सवाल से निपटने की मांग की, ताकि चीन-अमेरिका संबंधों तथा ताइवान जलडमरूमध्य की शांति पर कोई खतरा न पड़े।

( हूमिन )

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