जलवायु परिवर्तन से पैदा आपदा में ज्यादा लोगों को मानवीय सहायता चाहिये

2019-09-20 11:32:00

रेड क्रॉस और रेड क्रिसेंट सोसायटी के अंतर्राष्ट्रीय संयुक्त संघ द्वारा 19 सितंबर को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2050 में हर साल जलवायु परिवर्तन से पैदा आपदा में उन लोगों की संख्या शायद 20 करोड़ तक पहुंचेगी, जिन्हें आपदा में मानवीय सहायता की जरूरत होगी। यह संख्या वर्तमान से दुगुनी होगी।

《कुछ भी नहीं करने की लागत》नामक इस रिपोर्ट में कहा गया है कि जलवायु के परिवर्तन से पैदा तूफ़ान, सूखा व बाढ़ आदि आपदा से विश्व में ज्यादा से ज्यादा लोग मानवीय सहायता चाहेंगे। वर्ष 2030 तक इस से जुड़ा खर्च शायद हर साल 20 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचेगा।

इस के प्रति रेड क्रॉस और रेड क्रिसेंट सोसायटी के अंतर्राष्ट्रीय संयुक्त संघ के अध्यक्ष फ़्रांसिस्को रोक्का ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा जलवायु आपदाएं सहायता एजेंसी व दाताओं पर बड़ा दबाव डालेंगी। उन्होंने जलवायु परिवर्तन के मुकाबले में ज्यादा पूंजी लगाने की अपील की। ताकि आपदा से पैदा खतरों की रोकथाम की जा सके, और सहायता से जुड़े खर्च के निरंतर रूप से बढ़ने को रोका जा सके।

चंद्रिमा

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