किरिबाती गणराज्य और चीन के बीच राजनयिक संबंधों की बहाली

2019-09-20 20:01:00

प्रशांत महासागरीय द्वीप देश किरिबाती गणराज्य ने 20 सितंबर को एक-चीन सिद्धांत की मान्यता की घोषणा की और ताइवान के साथ तथाकथित "राजनयिक संबंधों" को तोड़कर चीन के साथ राजनयिक संबंधों को बहाल किया। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता कंग श्वांग ने इस बात को लेकर कहा कि चीन संप्रभु स्वतंत्र देश किरिबाती गणराज्य के इस महत्वपूर्ण निर्णय का समर्थन करता है।

चीनी प्रवक्ता ने कहा कि दुनिया में एक ही चीन मौजूद है। चीन जनवादी गणराज्य की सरकार पूरे चीन का प्रतिनिधित्व करने वाली एकमात्र कानूनी सरकार है। ताइवान चीन का एक अविभाज्य हिस्सा है। इस तथ्य की पुष्टि न केवल संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के तहत की गई है बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय की आम सहमति भी है। एक-चीन सिद्धांत के आधार पर चीन ने अब तक पूरी दुनिया में कुल 178 देशों के साथ औपचारिक रूप से राजनयिक संबंध स्थापित किए हैं।

प्रवक्ता ने कहा कि हाल के दिनों में प्रशांत द्वीप देश सोलोमन द्वीपों और किरिबाती गणराज्य ने एक के बाद एक एक-चीन सिद्धांत को मान्यता देकर ताइवान के साथ तथाकथित "राजनयिक संबंधों" को तोड़कर चीन के साथ या तो राजनयिक संबंध स्थापित किया या राजनयिक संबंधों की बहाली की। इससे जाहिर है कि एक-चीन सिद्धांत का पालन करना सही दिशा है। अब चीन के प्रशांत द्वीप देशों के साथ संबंध तेजी से विकसित हो रहे हैं। भले ही चीन और किरिबाती गणराज्य के बीच के संबंधों में गड़बड़ी हुई थी, लेकिन दोनों देशों के लोगों के बीच दोस्ती लगातार बढ़ रही है। चीन किरिबाती गणराज्य के एक-चीन सिद्धांत के आधार पर चीन-प्रशांत द्वीप देश सहयोग में लौटने का स्वागत करता है। आशा है कि दोनों देश एक साथ कोशिश करके दोनों देशों के संबंधों को एक नए स्तर पर पहुँचा सकेंगे।

किरिबाती गणराज्य और चीन के बीच राजनयिक संबंधों की बहाली होने के बाद अब ताइवान के केवल 15 देशों के साथ राजनयिक संबंध बनाये रखे गये हैं। किरिबाती से पहले सोलोमन ने भी चीन के साथ राजनयिक संबंध स्थापित किये। इससे यह जाहिर है कि एक चीन का सिद्धांत अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में व्यापक मान्यता प्राप्त है। इधर के सालों में ताइवान ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में "मनी डिप्लोमेसी" की नीति अपनाकर संबंधित देशों और क्षेत्रों में अस्थिरता पैदा की है। जिससे यह साफ हुआ है कि ताइवान इन क्षेत्रों में आर्थिक विकास की मदद नहीं, बल्कि "दो चीन" या "एक चीन, एक ताइवान" का भयावह उद्देश्य पूरा करना चाहता है।

न्यूज़ व्यापार पर्यटन बाल-महिला स्पेशल विश्व का आईना चीनी भाषा सीखें वीडियो फोटो गैलरी