टिप्पणीः निरंतर संघर्ष वीरों के प्रति सब से अच्छा नमन

2019-09-29 15:01:14

29 सितंबर को चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने पेइचिंग के जन बृहद भवन में 42 देसी विदेशी हस्तियों को अलग अलग तौर पर गणराज्य पदक ,मित्रता पदक और राष्ट्रीय गौरव उपाधि प्रदान की। शी चिनफिंग ने भाषण देकर उनको आदर भाव व्यक्त किया और कहा कि चीन द्वारा सबसे ऊंचे दर्जे से वीरों को सम्मानित करने का उद्देश्य उनकी निष्ठा, लगाव और सादगी के चरित्र का प्रचार करना है और वीरों की भावना के सम्मान और अनुसरण को बढ़ाना है।

सीपीसी की 18वीं कांग्रेस के बाद चीन ने कानून बनाकर राष्ट्रीय स्मृति दिवस निर्धारित किया, वीरों और शहीदों की सुरक्षा कानून और राष्ट्रीय पदक और राष्ट्रीय गौरव उपाधि कानून बनाया। इन ठोस कदमों से यह ज़ाहिर होता है कि चाहे युग में कोई भी परिवर्तन क्यों न हो ,नये चीन के निर्माण और विकास में असाधारण योगदान देने वाले वीरों को कतई नहीं भूला जाएगा। वे समग्र समाज के सम्मान पाने के योग्य हैं।

गणराज्य पदक विजेताओं में गांव की श्रमिक मॉडल शन चीलान ,चीनी संकर धान के प्रवर्तक य्वान लोंगपिंग ,चीनी पहली पीढ़ी वाले परमाणु पनडुब्बी जहाज के डिजाइनर हुआंग शूहुआ और इत्यादि ।उल्लेखनीय बात है कि इस बार 6 विदेशी दोस्तों को चीन के सर्वोच्च वैदेशिक गौरव पदक—मित्रता पदक मिला। वे अलग अलग तौर पर क्यूबा ,थाईलैंड ,तन्जांनिया ,रूस ,फ्रांस और कनाडा के हैं।

सभी महान उपलब्धि निरंतर संघर्ष का परिणाम है। भावी विकास को अधिकतर वीरों की ज़रूरत है। नये युग में प्रवेश करने के बाद चीन में वीर का सम्मान करने और वीरों से सीखने का विशेष महत्व है।

(वेइतुंग)

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