महाबलीपुरम: शी चिनफिंग और नरेंद्र मोदी के बीच मुलाकात

2019-10-12 11:02:29

मोदी ने कहा कि इस प्राचीन मंदिरों का समूह भारतीय सांस्कृतिक विरासत और वास्तुकला का एक उत्कृष्ट प्रतिनिधि है, जो भारतीय और चीनी सभ्यताओं के बीच लम्बे समय में आदान-प्रदान और ऐतिहासिक संपर्क का साक्षी है। कुछ हज़ार वर्षों के विकास के बाद भारत और चीन महत्वपूर्ण नवोदिक आर्थिक समुदाय बन चुके हैं। आदान-प्रदान और सहयोग को मज़बूत करना दोनों देशों के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, जिससे वैश्विक प्रगति और समृद्धि भी संवर्धन मिलेगा। भारत और चीन की सभ्यताएं बहुत प्राचीन और गहरी हैं, जिसकी बुद्धि वर्तमान दुनिया के सामने मौजूद विभिन्न चुनौतियों के समाधान के लिए मदद मिलेगी।

मोदी ने शी चिनफिंग के साथ भरतनाट्यम् जैसे भारतीय प्राचीन नृत्यों को देखा। शोर (समुद्र तट) मंदिर के पास अपार हिंद महासागर के सामने, शी चिनफिंग और मोदी ने अपने-अपने देश के विकास की चर्चा की और देश के शासन के अनुभवों को साझा किया। उन्होंने एक स्वर में माना कि चीन और भारत को एक दूसरे का सम्मान करना चाहिए, एक दूसरे से सीखना चाहिए। दोनों देश हाथ मिलाकर समान विकास और समृद्धि को बखूबी अंजाम देंगे, और चीनी और भारतीय दोनों महान सभ्यताओं के पुनरुत्थान को साकार करेंगे।

(श्याओ थांग)

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