आपसी विश्वास, सहयोग और विकास को बढ़ावा मिलेगा - चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की भारत और नेपाल यात्रा

2019-10-13 18:32:00

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 11 से 13 अक्तूबर तक भारत और नेपाल की सफलतापूर्ण यात्रा की। यह उन की देश की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ की खुशियां मनाने के बाद की गयी प्रथम विदेश यात्रा है। शी ने भारत के चेन्नई में आयोजित दूसरी अनौपचारिक शिखर वार्ता में भाग लिया और फिर से नेपाल की राजकीय यात्रा की। भारत और नेपाल चीन के दो महत्वपूर्ण दक्षिण एशियाई पड़ोसी देश हैं। अगले साल चीन-भारत संबंधों की 70वीं जयंती तथा चीन-नेपाल संबंधों की 65वीं जयंती होगी। राष्ट्रपति शी की सफल यात्राओं से न सिर्फ दोनों के बीच विश्वास को बढ़ाया गया है, बल्कि आपस में सहयोग को भी गहराया गया है।

यात्रा के दौरान चीन और भारत के नेताओं ने गहन रूप से विचारों का आदान प्रदान किया, मौजूद मतभेदों को सुनियोजित तौर पर सँभाला और रणनीतिक विश्वास को बढ़ा दिया। चीन और भारत दोनों विश्व में एक अरब से ज्यादा आबादी वाले देश हैं और महत्वपूर्ण नव उभरती शक्तियां हैं। व्यापार संरक्षणवाद उभरने के रूझान में चीन और भारत के बीच आरसीईपी संपन्न करने के लिए कोशिशों से आर्थिक वैश्विकरण में नयी जीवन शक्ति डाली जाएगी। उधर राष्ट्रपति शी की नेपाल यात्रा से दोनों देशों के बीच संबंधों के तीव्र विकास होने का नया युग खोला गया है। यह बीते 23 सालों में किसी चीनी राष्ट्रपति ने एक बार फिर नेपाल की यात्रा की जिससे दोनों देशों के बीच व्यवहारिक सहयोग में नयी शक्ति डाली गयी है।

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की यात्रा से चीन और दक्षिण एशियाई देशों के बीच हाथ में हाथ डालकर बेल्ट एंड रोड का निर्माण करने, क्षेत्रीय व विश्व की शांति, स्थिरता और विकास को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है।

( हूमिन )

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