येरूशलेम के स्थान को बदलने का अमेरिका का कदम अमान्य है:संयुक्त राष्ट्र महा सभा

2017-12-22 19:16:08

येरूशलेम के स्थान को बदलने का अमेरिका का कदम अमान्य है:संयुक्त राष्ट्र महा सभा

21 दिसंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने एक आपातकालीन बैठक बुलाकर भारी बहुमत वोट से येरूशलेम के स्थान से संबंधित एक प्रस्ताव पारित किया, जिसके अनुसार येरूशलेम के स्थान को बदलने का कोई भी फैसला और कार्यवाही अमान्य है। इस प्रस्ताव पर ज़ोर देते हुए कहा गया है कि फिलिस्तीन और इज़राइल को प्रत्यक्ष वार्ता से येरूशलेम के अंतिम स्थान के मामले का समाधान करने की ज़रुरत है।

21 तारीख को संयुक्त राष्ट्र महासभा की आपातकालीन बैठक में येरूशलेम के स्थान के मामले पर मतदान किया गया, जिसके पक्ष में 128 मत पड़े और विपक्ष में 9 मतों से परिणाम का प्रस्ताव पारित किया गया, 35 पक्षों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। प्रस्ताव में फिलिस्तीन और इज़राइल से वार्ता से येरूशलेम के स्थान का फैसला करने की मांग की। अमेरिका के अलावा सुरक्षा परिषद के अन्य चार स्थाई सदस्य देशों समेत 128 देशों ने मतदान में पक्ष में मत डाला। अमेरिका, इजराइल आदि 9 देशों ने इस के विरोध में वोट डाला।

चीनी प्रतिनिधि ने 21 तारीख को भाषण देते हुए एक बार फिर ज़ोर दिया कि दो देश का प्रस्ताव राजनीतिक रूप से फिलिस्तीन मामले का समाधान करने का सही रास्ता है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को संयुक्त राष्ट्र के संबंधित प्रस्ताव, शांति के लिए भूमि देने के सिद्धांत और अरब शांति प्रस्ताव पर कायम रहकर वार्ता की बहाली करने की कोशिश करनी चाहिए, ताकि वार्ता, ताल-मेल से येरूशलेम के अंतिम स्थान समेत महत्वपूर्ण मामलों का समाधान किया जा सके।

(वनिता)

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