युद्ध के बजाए वार्ता चाहिए- जर्मन अर्थतंत्र अधिकार

2018-03-31 16:33:01

जर्मन अर्थतंत्र और ऊर्जा मंत्रालय के विदेशी आर्थिक नीति विभाग के उप प्रमुख कार्ल वेंडलिंग भाषण देते हुए

हाल ही में अमेरिका ने चीन के खिलाफ़ इस्पात एल्यूमीनियम उत्पादों पर उच्च टैरिफ वसूलने का फैसला किया है, जिस पर जर्मन मीडिया, आर्थिक क्षेत्र, उद्योग और वाणिज्य जगत का ध्यान केंद्रित हुआ और उन्होंने इसपर चिंता भी व्यक्त की। जर्मन अर्थतंत्र और ऊर्जा मंत्रालय के विदेशी आर्थिक नीति विभाग के उप प्रमुख कार्ल वेंडलिंग ने हाल ही में कहा कि चीन-अमेरिका व्यापारिक विवाद न केवल दोनों देशों के भविष्य और विकास पर प्रभाव डालेगा, बल्कि यूरोप, यहां तक कि सारी दुनिया से भी संबंधित है।

उन्होंने कहा कि चीन और अमेरिका के बीच हुए व्यापारिक विवाद से भूमंडलीय आर्थिक बाज़ार में उथल-पुथल की स्थिति पैदा हुई है। कई यूरोपीय देशों पर भी इसका बुरा असर पड़ा है। इसे लेकर वे चिंतित हैं। अगर यूरोप ने भूमंडलीय मुक्त व्यापार पर विश्वास किया है, तो ऐसी विचारधारा पर जरूर डटे रहना चाहिए। यानी कि व्यापार युद्ध में कोई विजेता नहीं होता।

कार्ल वेंडलिंग ने यह भी कहा कि चीन लगातार दो सालों में जर्मनी का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन गया है। चीन के अर्थतंत्र पर प्रभाव पड़ने से चीन-जर्मनी अर्थतंत्र और व्यापार के बीच भी अनिश्चितता सामने आएगी। भू-मंडलीकरण को आगे बढ़ाने, मुक्त व्यापार का समर्थन करने और व्यापार संरक्षणवाद का विरोध करने जैसे क्षेत्रों में जर्मनी और चीन के बीच समान मांगें मौजूद हैं, आशा है कि दोनों देश समान रूप से मुद्दों और चुनौतियों का मुकाबला करेंगे और द्विपक्षीय व्यापार और निवेश वाले संबंधों को गहराएंगे, चीन-यूरोप के बीच शीघ्र ही निवेश संधियों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।

(श्याओ थांग)

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