सीताराम येचुरी के साथ इंटरव्यू, कहा कि मार्क्सवाद अभी भी भारत में सक्रिय

2018-05-06 15:05:01

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के महासचिव सीताराम येचुरी

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), या सीपीआई-एम के महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि मार्क्सवाद किसी भी देश में एक मार्गदर्शक दर्शन है जहां शोषण के खिलाफ संघर्ष चल रहा है, और यह दर्शन भारत में सक्रिय है।

येचुरी ने चीनी समाचार एजेंसी सिन्हुआ के साथ हाल ही में एक विशेष साक्षात्कार में कहा, "मार्क्सवाद लोगों के ध्यान से बच नहीं सकता है, क्योंकि यह एकमात्र दर्शन है जो दो महत्वपूर्ण पहलुओं को जोड़ता है – पहला है मुक्ति का प्रतीक, शोषण से मुक्ति आदि, और दूसरा है कि यह सर्वोच्च वैज्ञानिक है।"

उन्होंने कहा, "इसलिए, इसका आकर्षण बना हुआ है जिसकी भारत में भी अपील हुई थी।"

येचुरी ने आगे कहा कि मार्क्सवाद किसी भी देश में स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप समस्याओं के समाधान प्रदान करता है, और यही कारण है कि आज भी यह प्रासंगिक है।

येचुरी ने यह टिप्पणी इस वर्ष कम्युनिस्ट घोषणापत्र के प्रकाशन की 170वीं वर्षगांठ और मार्क्स के जन्म की 200वीं वर्षगांठ के संदर्भ में की।

चमकते हुए चीन को उदाहरण के रूप में देखते हुए, सीपीआई-एम प्रमुख ने 1978 के बाद से चीन ने केवल चार दशकों में हासिल की गईं उपलब्धियों की सराहना की, जब चीन ने अपने सुधार को अपनाने और खुलेपन की शुरूआत की।

उन्होंने कहा, "साम्यवाद के साथ चीन का अनुभव पूरी दुनिया में कम्युनिस्टों के लिए एक बहुत ही समृद्ध अनुभव है।"

(अखिल पाराशर)

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