17वीं शांगरी-ला वार्तालाप में नरेंद्र मोदी के भाषण की चीनी प्रतिनिधि की प्रशंसा

2018-06-02 15:20:01

भारतीय प्रधानमंत्री मोदी भाषम देते हुए

3 दिवसीय 17वीं शांगरी-ला वार्तालाप 1 जून को सिंगापुर में उद्घाटित हुई। 17 देशों के रक्षा मंत्रियों, 40 से अधिक देशों के उच्च स्तरीय सैन्य अफ़सरों और विद्वानों समेत 6 सौ से ज्यादा लोग इस में भाग ले रहे हैं। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वागत रात्रि-भोज में प्रमुख भाषण दिया।

अपने भाषण में मोदी ने क्षेत्रीय मुद्दों पर भारत के विचार और क्षेत्रीय सहयोग में भारत की भूमिका की व्याख्या की। चीन-भारत संबंध की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि हम दोनों विश्व में सबसे ज्यादा जनसंख्या वाले देश हैं और दोनों का आर्थिक विकास तेज़ है। हमारा सहयोग बढ़ रहा है और व्यापार की वृद्धि हो रही है। हमारे पास मतभेदों का प्रबंध और नियंत्रण करने की पर्याप्त बुद्धि है। अप्रैल में मैंने राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ दो दिवसीय अनौपचारिक वार्ता की। इससे स्पष्ट है कि चीन और भारत की स्थिरता और दोनों के बीच घनिष्ठ संबंध विश्व की शांति और विकास की कुंजी है। मुझे पक्का विश्वास है कि चीन और भारत के बीच आपसी विश्वास और सहयोग करने, एक दूसरे के मूल हितों का ख्याल करने से एशिया और विश्व का भविष्य और सुनहरा होगा।

चीनी जन मुक्ति सेना के सैन्य मामला विज्ञान अकादमी के उप प्रधान, लेफ्टिनेंट जनरल ह लेई भाषण देते हुए

मौजूदा शांगरी-ला वार्तालाप में भाग ले रहे चीनी प्रतिनिधि मंडल के अध्यक्ष, चीनी जन मुक्ति सेना के सैन्य मामला विज्ञान अकादमी के उप प्रधान, लेफ्टिनेंट जनरल ह लेई ने मोदी के भाषण सुन कर कहा कि यह बहुत सक्रिय भाषण है, जो बहुत रचनात्मक भी है। जिससे चीन के प्रति मैत्री और चीन-भारत संबंध के प्रति उम्मीद भी जताई गई। हमने मोदी जी के भाषण का स्वागत किया और हम इसके प्रशंसक भी हैं।

लेफ्टिनेंट जनरल हे लेई ने कहा कि चीन-भारत संबंध दोनों देशों के संबंधों का महत्वपूर्ण भाग है। द्विपक्षीय संबंध का लगातार विकास होने की स्थिति में दोनों देशों की सेना का संबंध निरंतर विकसित होना चाहिए।

(श्याओ थांग)

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