(इंटरव्यू) चीन और भारत के बीच पर्यटन आदान-प्रदान में बहुत ज्यादा संभावनाएं : केजे अल्फोंस

2018-08-29 17:46:08

भारतीय केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री केजे अल्फोंस सीआरआई संवाददाता अखिल पाराशर को इन्टरव्यू देते हुए

“हम चीन में पहली बार रोड शो कर रहे हैं। चीन से बहुत संख्या में पर्यटक घुमने जाते हैं। पिछले साल, चीन से 144 मिलियन पर्यटकों ने यात्रा की, जबकि भारत में केवल 2.4 लाख पर्यटक ही आये, जो कि बहुत कम संख्या है, इसलिए हम कदम उठाने जा रहे हैं ताकि संख्या में इजाफा हो सके,” चीन के दौरे पर आए केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री केजे अल्फोंस ने पेइचिंग में सीआरआई को दिए एक ख़ास इंटरव्यू में कहा।

पर्यटन मंत्री केजे अल्फोंस ने अपने इंटरव्यू में कहा कि भारत सरकार चीनी पर्यटकों को लुभाने और देश में उपलब्ध शानदार पर्यटन विकल्पों के बारे में जागरूक करने के लिए चीन के चार शहरों पेइचिंग, क्वांगचो, वुहान और शांगहाई में रोड शो आयोजित कर रही है। इस दौरान भारत को पसंदीदा पर्यटन गंतव्य के रूप में पेश किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि चीनी पर्यटकों के प्रवाह को बढ़ाने के अवसरों की खोज करने के लिए भारतीय टूर ऑपरेटर चीनी समकक्षों के साथ वन-टू-वन बैठक भी करेंगे।

मंत्री केजे अल्फोंस ने इंटरव्यू में यह भी कहा कि भारतीय पर्यटन चीन की राजधानी पेइचिंग में एक क्षेत्रीय कार्यालय भी खोलने जा रहा है। उसमें रणनीतिक सलाहकार और पीआर सलाहकार होंगे। उन्होंने आगे कहा, “हमें 144 मिलियन चीनी पर्यटकों में से कम से कम 10 प्रतिशत का लक्ष्य रखना चाहिए। यदि हम इस तरह प्रयास करते रहे तो यह 5 वर्षों में हासिल किया जा सकता है।”

केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री केजे अल्फोंस ने कहा कि देश की जीडीपी में पर्यटन उद्योग का योगदान 7 प्रतिशत है जबकि रोजगार के क्षेत्र में 12.36 प्रतिशत का योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले 4 सालों में, भारत के पर्यटन उद्योग में 14.62 मिलियन नौकरियों का सृजन हुआ है। पिछले साल, विदेशी पर्यटकों से 27 बिलियन अमेरिकी डॉलर की आय प्राप्त हुई, जो कि उसके पिछले साल की तुलना में 19.2 प्रतिशत ज्यादा रही।

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