यूरोपीय संघ से विदेश नीति में एक ही आवाज़ उठाने की अपील - जंकर

2018-10-06 18:04:00

यूरोपीय संघ से विदेश नीति में एक ही आवाज़ उठाने की अपील - जंकर

यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष जीन-क्लाउड जंकर ने 5 अक्तूबर को ऑस्ट्रियाई नेशनल असेंबली में एक भाषण दिया। उन्होंने सदस्य देशों से यूरोपीय संघ की विदेश नीति में "सर्वसम्मति" से निर्णय लेने के नियम को छोड़कर "विशिष्ट बहुमत" सिद्धांत को अपनाने की अपील की, ताकि यूरोपीय संघ एक ही आवाज में बोल सके और इस की अंतर्राष्ट्रीय स्थिति को बढ़ावा दिया जाए।

पिछले महीने जंकर ने यूरोपीय संसद में वार्षिक " स्टेट ऑफ द यूनियन एड्रेस" प्रकाशित कर यूरोपीय संघ मतदान तंत्र में "सर्वसम्मति" सिद्धांत के अनुपात को और कम करने और इसका स्थान "विशिष्ट बहुमत" सिद्धांत से बदलने का प्रस्ताव दिया।

"विशिष्ट बहुमत" मतदान तंत्र का अर्थ है कि जब कोई निर्णय पारित किया जाता है, तो यूरोपीय संघ के 55 प्रतिशत से अधिक सदस्य देशों और कुल 65 प्रतिशत से अधिक यूरोपीय संघ की आबादी की मंजूरी की आवश्यकता होती है। वर्तमान में यूरोपीय संघ परिषद विदेशी और सुरक्षा नीतियों से जुड़े संवेदनशील और प्रमुख मुद्दों पर मतदान करते समय "सर्वसम्मति" के सिद्धांत को अपनाती है। यानी सभी सदस्य देशों के सहमत होने से निर्णय लेना चाहिए। जिससे विभिन्न देशों के अलग रुख होने से निर्णय लेने में कठिनाई होती है।

(नीलम)

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