तेज़ी से बढ़ती चीनी मानव संसाधन की प्रतिस्पर्धात्मक शक्ति

2018-10-24 15:18:01

तेज़ी से बढ़ती चीनी मानव संसाधन की प्रतिस्पर्धात्मक शक्ति

पिछले महीने चीन और वैश्विकरण थिंक टैंक ने वर्ष 2018 मानव संसाधन की शक्तियों की रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट से ज़ाहिर है कि पूरे विश्व में मानव संसाधन के विकास का स्तर उन्नत हो रहा है, पर कुछ विकसित देशों के मानव संसाधन की प्रतिस्पर्द्धात्मक शक्ति में स्पष्ट गिरावट नज़र आयी, जबकि विश्व मानव संसाधन की प्रतिस्पर्द्धात्मक शक्ति की तालिका में चीन का स्थान तेज़ी से बढ़ा है।

इस रिपोर्ट में विश्व के 50 से अधिक देशों के वर्ष 2000 मानव संसाधन के परिवर्तन का विश्लेषण किया गया। आंकड़ों के अनुसार प्रतिस्पर्द्धात्मक रैंकिंग में जापान वर्ष 2000 के दूसरे स्थान से गिरकर 8वें स्थान पर आ गया है। स्वीडन, फ्रांस और पुर्तगाल समेत कई विकसित देशों का स्थान मानव संसाधन की प्रतिस्पर्द्धात्मक शक्ति की रैंकिंग में गिर गया है। इस संदर्भ में चीन का स्थान स्थिरता के साथ साल दर साल बढ़ता जा रहा है। वर्ष 2000 से वर्ष 2015 तक चीन 32वें स्थान से बढ़कर 13वें स्थान पर आ गया है, जो इस रैंकिंग में शामिल सभी देशों में सबसे तेज़ रहा। चीन और वैश्विकरण थिंक टैंक के वरिष्ठ अध्ययनकर्ता और चीनी शिक्षा अध्ययन संघ के उप महासचिव काओ शू क्वोग ने बताया कि मानव संसाधन के विकास में चीन पहले के पैमाने की वृद्धि से प्रति व्यक्ति औसत लाभ की ओर बढ़ रहा है। प्रति व्यक्ति औसत पेटेंट आवेदन की संख्या उन देशों में अग्रसर रहती है। चीन के मानव संसाधन के विकास में कम खर्च और ऊंची कार्यकुशलता का विकास मॉडल बन गया है।

रिपोर्ट के अनुसार चीन के पेटेंट आवेदन की संख्या विश्व में शीर्ष स्थान पर है और प्रति व्यक्ति औसत पेटेंट आवेदन की संख्या चौथे स्थान पर रही। हर एक लाख व्यक्तियों में इंजीनियरों और वैज्ञानिकों की संख्या में सकारात्मक परिवर्तन आया है। शिक्षा मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत आंकडों के अनुसार चीन में नये श्रमिकों को औसतन 13.3 साल की शिक्षा प्राप्त होती है, जो विश्वविद्यालय की पहली कक्षा के बराबर है। यह आंकड़ा विकसित देशों में अग्रसर रहता है और विकसित देशों की तुलना में फासला कम हो गया है।

न्यूज़ व्यापार पर्यटन बाल-महिला स्पेशल विश्व का आईना चीनी भाषा सीखें वीडियो फोटो गैलरी