मेले में भारत की मौजूदगी

2018-11-07 10:14:01

5 नवंबर को चीन के शांगहाई में शुरु हुए पहले चीन अंतर्राष्ट्रीय आयात मेले में भारत ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है, जिनमें प्रमुख रूप से आभूषण निर्माता, निजी बंदरगाह निर्माता और चाय कंपनी हिस्सा ले रही हैं।

केजीके ज्लूरी, जिनका कार्यालय चीन के शनचन और हांगकांग में है, वो अपने विशिष्ट आभूषणों और बहुमूल्य रत्नों के साथ मेले में मौजूद हैं। केजीके स्वर्ण आभूषणों के साथ हीरा, पन्ना, नीलम, माणिक जैसे सात तरह के रत्नों में व्यापार करती है और इस कंपनी के मयूर डागा ने सीआरआई को दिये एक साक्षात्कार में बताया कि चीनी राष्ट्राध्यक्ष शी चिनफिंग की ये बड़ी सोच सारे व्यापारियों के लिये एक वरदान है, जिसने उन्हें एक ही छत के नीचे ला खड़ा किया है। चीन की इस नीति से केजीके ज्यूलरी के व्यापारी बहुत आशावान हैं और उन्हें पूरी उम्मीद है कि आने वाले समय में चीन अंतर्राष्ट्रीय आयात मेले से उनके व्यापार में बढ़ोतरी होगी।

दूसरे पवेलियन में अडाणी ग्रुप के बंदरगाह निर्माण का स्टाल लगा था। अडाणी ग्रुप भारत का सबसे बड़ा निजी बंदरगाह निर्माता समूह है, जिसके भारत में दस बंदरगाह हैं। अडाणी समूह बंदरगाह निर्माण के साथ बंदरगाह को अपग्रेड करने का काम भी करता है, जो इस मेले में काफी उम्मीद लेकर आए हैं।

उपभोक्ता वस्तु पवेलियन में हमें बिड़ला समूह की जय श्री चाय कंपनी का स्टाल दिखा, जहां मार्केटिंग के जनरल मैनेजर सजीव घोष ने बताया कि चाय का बाज़ार चीन में बहुत बड़ा है और चीन रेडी टू ड्रिंक यानी प्रसंस्कृत चाय का अच्छा बाज़ार बन सकता है। घोष ने आगे बताया कि करीब 52 देशों में भारतीय चाय का निर्यात करने वाले जय श्री चाय चीन में भी अपनी चाय का निर्यात करती है और इस मेले में वो चीन के साथ चाय पर एक बड़ा समझौता करने वाले हैं, जिसकी तैयारी वो बहुत दिनों से कर रहे थे।

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