फिल्म ईरान में बड़ा आध्यात्मिक उद्योग है- चीनी फिल्म निर्देशक

2018-11-26 10:02:02

16 से 23 नवम्बर तक 48वां रोड अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव ईरान की राजधानी तेहरान में आयोजित हुआ, यह ईरान में आयोजित वैज्ञानिक शैक्षिक विषय वाली फिल्मों से संबंधित महोत्सव हैं। चीनी फिल्म निर्देशक फ़ांग कांगल्यांग ने निमंत्रण पर जज के रूप में भाग लिया। संवाददाता को दिए एक इन्टरव्यू में उन्होंने कहा कि फिल्म ईरान में एक बहुत बड़ा आध्यात्मिक उद्योग है, जो आम ईरानी नागरिकों में आध्यात्मिक एकजुटता की भूमिका निभाती है।

चीनी फिल्म निर्देशक फ़ांग कांगल्यांग द्वारा रची गई बाल विषय वाली《स्कूल जाने के रास्ते पर》शीर्षक फिल्म, जिसका अंग्रेज़ी नाम है“ए यूनिक स्कुलिंग”की शूटिंग 2004 में हुई, जिसने 20वें ईरानी इस्फ़हान अंतरराष्ट्रीय चिल्ड्रन फिल्म महोत्सव में भाग लिया और एशियाई भाग की प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार मिला है। फ़ांग कांगल्यांग को सर्वश्रेष्ठ फिल्म निर्देशक के रूप में स्वर्ण तितली पुरस्कार से सम्मानित किया गया। लेकिन उस समय वह खुद पुरस्कार लेने ईरान नहीं गए। इस बार जज होने के नाते वे पहली बार ईरान आए हैं। उन्होंने कहा कि ईरान आने के बाद इस देश की फिल्म के प्रति उनका अंतर्ज्ञान बढ़ गया है। उन्हें पता चला कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय में ईरानी फिल्म की प्रसिद्धता इस देश में उच्च गुणवत्ता वाले दर्शकों से अलग नहीं किया जा सकता। उनका कहना है: “पहले मुझे पता नहीं था कि ईरानी फिल्म क्यों इतनी प्रसिद्ध है। यहां आने के बाद मुझे इस देश की फिल्मों के बारे में अधिक जानकारी हुई। मुझे लगता है कि ईरानी लोगों की कुल गुणवत्ता अच्छी है और उनका सांस्कृतिक और कलात्मक स्वाध्याय बढ़िया है।”

इधर के सालों में“चिल्ड्रन ऑफ़ हैवन”और“टेस्ट ऑफ़ चेरी”आदि ईरानी फिल्मों ने चीनी दर्शकों के मन में गहरी छाप छोड़ी है। कम खर्चे से उच्च गुणवत्ता वाली ईरानी फिल्मों ने चीनी फिल्म जगत में अपनी जगह बनायी है। मौजूदा 48वें रोड अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में फिल्म निर्देशक फ़ांग कांगल्यांग ने कई ईरानी फिल्में देखीं। उनके विचार में ईरानी फिल्मों में जीवन में छोटी-छोटी चीज़ों को फिल्म स्क्रीन में शामिल किया जाता है, यह ईरानी फिल्मों की कलात्मक विशेषता है, जो कि दर्शकों को स्नेहपूर्ण लगता है। उन्होंने कहा:“ईरानी फिल्म की खास शैली है। पहला है यथार्थवाद। यानी कि फिल्मों में वास्तविक सामाजिक जीवन का वर्णन किया जाता है। दूसरा है फिल्मों में दयालु चीज़ों को अभिव्यक्त किया जाता है। मुझे लगता है कि यह ईरानियों के धार्मिक विश्वास से संबंधित है। तीसरा, ईरानी फिल्मों में छोटी-छोटी बातों का वर्णन किया जाता है, जो जीवन से संबंधित है। इस तरह उनकी फिल्में देखते समय दर्शक बहुत आसानी से स्वीकार कर सकते हैं। उनकी फिल्मों में जीवन की छोटी-छोटी चीज़ों में दिलचस्प बातें दिखायी जाती हैं।”   

न्यूज़ व्यापार पर्यटन बाल-महिला स्पेशल विश्व का आईना चीनी भाषा सीखें वीडियो फोटो गैलरी