(इंटरव्यू) चीन में पहली बार ग़ज़ल गायकी का जलवा बिखेरेंगे पंकज उधास

2018-12-05 16:01:09

चीन में पहली बार ग़ज़ल गायकी का जलवा बिखेरेंगे पंकज उधास

ग़ज़ल की दुनिया में उस्ताद माने जाने वाले पंकज उधास बहुत जल्द ही चीन आने वाले हैं, जहां वे ग़ज़ल प्रेमियों को अपने ग़ज़लें सुनाकर उनका मन मोह लेंगे। वे इस महीने के मध्य में चीन के प्रमुख शहरों शांगहाई, ईवू और क्वांगचो में अपनी ग़ज़ल गायकी से समा बिखेरेंगे। यूं तो उन्होंने कई बॉलीवुड सुपरहिट गाने दिए हैं, लेकिन आज भी उनका गाया हुआ गाना 'चिट्ठी आई है' लोगों की आंखें नम कर देता है।

साल 2006 में पद्मश्री अवॉर्ड से सम्मानित पंकज उधास ने चाइना रेडियो इंटरनेशनल (सीआरआई) के साथ खास बातचीत में कहा कि वे चीन आने को लेकर बहुत ज्यादा उत्साहित हैं। वे पहली बार चीन में अपनी गायकी का जलवा बिखेरेंगे। उन्होंने कहा, “चीन में रह रहे एशियाई लोगों विशेषकर भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश आदि देशों के लोगों से मिलने के लिए और उनके सामने अपनी खास प्रस्तुति देने के लिए बेहद उत्सुक हूं।”

ग़ज़ल गायकी को नया आयाम देने वाले पंकज उधास ने कहा कि उनके चीन दौरे के दौरान उनके साथ बेहतरीन संगीतकारों और तकनीशियनों की एक बहुत बड़ी मंडली होगी, जहां गीत-संगीत का अद्भुत समा बंध जाएगा। चीन में ग़ज़ल प्रेमियों को वो अपनी कुछ लोकप्रिय ग़ज़लों में से 'चिठ्ठी आई है', 'थोडी़-थोडी़ पिया करो', 'चांदी जैसा रंग है तेरा' और 'न कजरे की धार' जैसी ग़ज़लें और नग़मे गाकर उनका दिल मोहेंगे, साथ ही लोगों की फरमाइशों को भी पूरा करेंगे।

एक समय ऐसा भी था जब लगभग हर हिंदी फ़िल्मों में एक न एक ग़ज़ल जरूर होता था, लेकिन इधर कुछ समय से न सिर्फ़ ग़ज़लें फ़िल्मों में कम हुई हैं, बल्कि रेडियो पर भी बहुत कम ही सुनाई देती हैं। इस पर ग़ज़ल गायक पंकज उधास ने कहा, "ग़ज़ल के प्रति लोगों का फोकस हटा हुआ है। आजकल के युवाओं को बॉलिवुड गाने ज्यादा पसंद है, लेकिन ऐसा नहीं कि ग़ज़लों को चाहने वालो की कमी है। आज भी जब लोग थक जाते हैं तो वे ग़ज़ल सुनना पसंद करते हैं।"

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