चीन पेरिस समझौते की कार्यांवयन धाराएं संपन्न करने के लिए कोशिश करेगा

2018-12-15 18:02:00

चीन पेरिस समझौते की कार्यांवयन धाराएं संपन्न करने के लिए कोशिश करेगा

संयुक्त जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में पेरिस समझौते की कार्यांवयन धाराओं के बारे में वार्ता का अंतिम दौर हो चुका है। इस वक्त चीन के जलवायु परिवर्तन पर विशेष वार्ताकारों ने प्रेस को संबंधित सवालों के जवाब दिये।

चीनी वार्ताकार श्ये चेन ह्वा ने कहा कि हम बहुपक्षवाद का समर्थन करते हैं और संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन की सफलता की गारंटी करेंगे। हमारा पक्ष है कि पेरिस समझौते के केंद्र से पारदर्शिता के सवाल का समाधान किया जाना चाहिये। इस सवाल पर पेरिस समझौते में स्पष्ट तौर पर निर्धारित है कि पारदर्शिता व्यवस्था कायम करने के साथ-साथ विकासशील देशों को लचीलापन और विशेष सहायता देने की जरूरत है। अभी की समस्या है कि कुछ विकसित देशों ने क्योटो प्रोटोकॉल और पेरिस समझौते में निर्धारित सहायता वचनों को पूरा नहीं किया।

चीनी वार्ताकार ने यह भी बताया कि चीन में अतिरिक्त नई ऊर्जा मुख्य रूप से प्राकृतिक गैस और नवीकरणीय ऊर्जा है। वर्ष 2005 में चीन की ऊर्जा में कोयले का अनुपात 72 प्रतिशत तक रहता था, जबकि वर्ष 2017 में 60 प्रतिशत तक गिर गया है। योजनानुसार वर्ष 2020 और 2030 तक यह मात्रा 58 प्रतिशत और 45 प्रतिशत तक घटेगी। जलवायु परिवर्तन के मुकाबले में चीन के द्वारा जो योगदान पेश किया गया है, वह कुछ विकसित देशों से भी ज्यादा है। हरे रंग और कम कार्बन अर्थव्यवस्था विश्व विकास की प्रवृत्ति है। इस प्रवृत्ति के अनुकूल होने की दिशा से अनवरत विकास का लक्ष्य साकार हो सकेगा।

( हूमिन )

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