​चीन में बढ़ता भारतीय फिल्मों का क्रेज

2018-12-28 12:02:00

ठग्स ऑफ हिन्दोस्तान

चीन में कोटा प्रणाली के चलते चीनी सिनेमाघरों में केवल 34 अंतरराष्ट्रीय फिल्में ही रिलीज हो सकती हैं। ज्यादातर हॉलीवुड की फिल्में ही चीनी सिनेमाघरों में नजर आती हैं। कुछ साल पहले चीनी सिनेमाघरों में मुश्किल से इक्का-दुक्का ही भारतीय फिल्में रिलिज होती थीं, लेकिन चीन में आमिर खान का जादू ऐसा चला कि आमिर खान की पीके, दंगल के बाद अन्य भारतीय सितारों की फिल्म जैसे सलमान खान की बजरंगी भाईजान और सुलतान, इरफान खान की हिन्दी मीडियम, अक्षय कुमार की टॉयलेट-एक प्रेम कथा और पैडमैन, रानी मुखर्जी की हिचकी आदि भी रिलिज हुई। इन फिल्मों ने चीनी बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाया।

आज भारत के सुप्रसिद्ध अभिनेता आमिर खान की नई फिल्म “ठग्स ऑफ हिन्दोस्तान” चीन में रिलिज हुई है। इस फिल्म का चीनी दर्शकों को बेसब्री से इंतजार था। अभी कुछ दिनों पहले आमिर खान अपनी फिल्म“ठग्स ऑफ हिन्दोस्तान”की प्रमोशन के लिए चीन आए हुए थे। उन्होंने क्वांगचो, शीआन, नानचिंग, छंगतू, वुहान, शांगहाई और पेइचिंग 7 चीनी शहरों की यात्रा की, और अपनी फिल्म की प्रमोशन के साथ-साथ अपने चीनी फैंस के साथ खास इंटरेक्शन भी किया।

पेइचिंग में आमिर खान फिल्म“ठग्स ऑफ हिन्दोस्तान”के मिलन समारोह में उपस्थित

यह साल चीन में भारतीय फिल्में के लिए बेहद खास रहा। इस साल कुल 10 भारतीय फिल्में रिलिज हुईं। इससे जाहिर होता है कि पिछले कुछ समय से चीन में हिन्दी फ़िल्मों का चलन काफी बढ़ा है और चीनी लोगों को हिन्दी फिल्में भी पसंद आने लगी हैं। ऐसा नहीं है कि चीन में बॉलीवुड का क्रेज अचानक से बढ़ गया, और चीनी लोग रातोंरात ही भारतीय फिल्मों के दिवाने बन गये। देखा जाए तो इसकी शुरुआत साल 2011 में “3 इडियट्स” फिल्म के साथ हुई। आमिर खान की फिल्म “3 इडियट्स” और “पीके” के साथ चीन में हिंदी फिल्मों का बाजार धीरे-धीरे बढ़ना शुरू हुआ। फिल्म “दंगल” के साथ यह क्रेज चरमोत्कर्ष पर पहुंच गया। चीन में ज्यादा स्क्रीन हैं, इसलिए हिंदी फिल्मों के यहां ज्यादा शो होते हैं और चीन में हिंदी फिल्में कुछ तो चीनी सबटाइटल्स के साथ, या कुछ चीनी भाषा में डबिंग के साथ रिलीज होती हैं, इसलिए हिन्दी फिल्में यहां जबरदस्त कमाई कर रही हैं।

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