वांग ई ने चीन-फ़्रांस राजनयिक संबंध स्थापना की 55वीं वर्षगांठ की गतिविधि में भाग लिया

2019-01-25 12:03:00

स्थानीय समयानुसार 24 जनवरी को पेरिस में आयोजित 18वीं चीन-फ़्रांस रणनीतिक वार्ता में भाग ले रहे चीनी स्टेट काउंसलर व विदेश मंत्री वांग ई ने फ़्रांसीसी विदेशी मंत्री जीन यवेस ले ड्रिआन के साथ चीन-फ़्रांस के बीच राजनयिक संबंध स्थापना की 55वीं वर्षगांठ पर आयोजित गतिविधियों की शुरुआती रस्म में भाग लिया।

वांग ई ने कहा कि 55 वर्ष पहले जब शीत युद्ध बहुत सक्रिय था, तो चीनी राष्ट्रपति माओ ज़ेतुङ व जनरल डे गौल्ले ने चीन व फ़्रांस के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना का फैसला किया। फ़्रांस चीन के साथ औपचारिक रूप से राजनयिक संबंधों की स्थापना करने वाला पहला पश्चिम देश बना।

वांग ई ने कहा कि वर्तमान में विश्व बदल रहा है। मौजूदा अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था व नीति नियम के सामने चुनौतियां पेश आयी हैं। बहुपक्षीयवाद व मुक्त व्यापार आदि सहमतियों पर कुप्रभाव भी डाला गया। चीन व फ़्रांस को अपने ऐतिहासिक कर्तव्य निभाने चाहिये, और अच्छी परंपराओं का पालन करने के आधार पर सहयोग करना चाहिये। ताकि दोनों देशों के संबंधों के विकास के लिये और ज्यादा विस्तृत रास्ता तैयार हो सके, और मानव के उज्जवल भविष्य के लिये संभावना तैयार हो।

ले ड्रिआन ने कहा कि चीन व फ़्रांस के बीच कारगर सहयोग लगातार द्विपक्षीय संबंधों के विकास को बढ़ा रहे हैं, साथ ही दोनों के बीच आपसी विश्वास भी मजबूत हो रहा है। वर्तमान में बहुपक्षीयवाद को गंभीर चुनौतियों का मुकाबला करना पड़ता है। फ़्रांस व चीन को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थाई सदस्य देशों के रूप में बहुपक्षीय व्यवस्था की रक्षा करनी चाहिये। फ़्रांस चीन के साथ घनिष्ठ रूप से उच्च स्तरीय आदान-प्रदान करना चाहता है, अर्थव्यवस्था, व्यापार व पूंजी-निवेश के सहयोग को गहन करना चाहता है, और संबंधित महत्वपूर्ण क्षेत्रों के कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने का इच्छुक है।

चंद्रिमा

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