पेइचिंग में मना 70वें गणतंत्र दिवस पर विदेश अतिथियों का सत्कार समारोह

2019-01-28 17:33:00

28 जनवरी को पेइचिंग में भारत के 70वें गणतंत्र दिवस पर विदेशी अतिथियों के लिये सत्कार समारोह का आओजन किया गया। इस विशेष सत्कार समारोह के विशेष अतिथि चीन के सहायक विदेश मंत्री चांग हान हुई थे। देश विदेश के राजदूत, सैन्य अटाची समेत कई गणमान्य अतिथियों की मौजूदगी ने समारोह में चार चांद लगा दिए।

सत्कार समारोह की शुरुआत भारतीय राजदूत श्री विक्रम मिस्री ने अपने भाषण से की, उन्होंने भारत के 70वें गणतंत्र दिवस पर सभी विदेशी अतिथियों का स्वागत किया, साथ ही चीनी भाषा में चीन के लोगों को नव वर्ष की शुभकामनाएं दीं।

राजदूत विक्रम मिस्री ने अपने भाषण में कहा कि पिछला वर्ष चीन-भारत संबंधों के लिये एक यादगार साल था, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच वूहान अनौपचारिक बैठक दोनों देशों के बीच मील का पत्थर साबित हुई। जिसके बाद दोनों नेताओं ने ब्रिक्स, एससीओ और जी -20 समिट में मुलाकात की। इसके बाद, वर्ष 2018 में तीन चीनी मंत्रियों ने भारत की यात्रा की, इनमें राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री जनरल वेई फेंगख़, जन सुरक्षा मंत्री ज़ाओ खझी की आधिकारिक भारत यात्रा शामिल है। इसके बाद चीनी विदेश मंत्री वांग यी की भारत यात्रा हुई इस यात्रा के दौरान उच्च स्तरीय वार्ता हुई जिससे दोनों देशों में सांस्कृतिक मेलजोल और मानवीय आवाजाही बढ़ाने पर सहमती बनाई गई।

वहीं भारतीय पक्ष की ओर से विदेश मंत्री सुश्री सुषमा स्वराज, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन और पिछले नवंबर में राष्ट्रीय रक्षा सलाहकार अजीत डोवाल ने चीन की यात्रा की। श्री मिस्री ने बताया कि पिछले साल चीन और भारत ने नए आयामों में आपसी सहयोग और समन्वय को बढ़ावा दिया जिसमें आर्थिक सहयोग, मानवीय आवाजाही बढ़ावा दिया। पिछले वर्ष ने भारत की अर्थव्यवस्था की वृद्ध दर को 7.3 फीसदी पर बढ़ते हुए देखा, जो इस समय विश्व की सबसे तेज़ गति से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है। वर्ष 2018 में भारत विदेशी प्रत्यक्ष निवेश का सबसे बड़ा गन्तव्य देश रहा, जिस दौरान भारत में 38 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश हुआ। अपने 70वें गणतंत्र वर्ष में भारत अपनी आर्थिक वृद्धि, सामाजिक विकास और राष्ट्रीय रूपांतर को जारी रखेगा। राजदूत श्री मिस्री ने आगे कहा कि भारत और चीन में पिछले 8 महीनों में तीन समझौतों पर हस्ताक्षर किये गए। आने वाले वर्षों में चीन और भारत के संबंधों में और प्रगति होगी। पिछले वर्ष दिसंबर में एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद दस क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया जिसमें पर्यटन, योग, खेल, पारंपरिक औषधि, फिल्म और टेलीविज़न, अजायबघर, शिक्षा, संस्कृति, युवा और प्रांत स्तरीय आदान-प्रदान शामिल हैं।

चीन और भारत के बीच बेहतर होते संबंधों को देखकर यही कहा जा सकता है कि आने वाले समय में और प्रगाढ़ता आएगी, दोनों देश आपसी सहयोग और एक दूसरे से सीखते हुए एक बेहतर एशिया और बेहतर विश्व के निर्माण में अपनी अभूतपूर्व भागीदारी गंभीरता से निभाएंगे।

पंकज

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