जाने-माने फिल्ममेकर कबीर खान और प्रसाद शेट्टी से ख़ास बातचीत

2019-04-23 16:15:00

कबीर खान मानते हैं कि इंडो-चाइना फिल्म सहयोग के बाद बॉलिवुड के प्रति चीन का लव अफेयर और आगे बढ़ेगा। इस सहयोग के बाद दोनों देशों के एक्टर, लेखक, डायरेक्टर, निर्माता, संगीतकार आपस में आदान-प्रदान कर सकते हैं। जितना सहयोग होगा, उतना ही फायदेमंद रहेगा। उन्होंने कहा, “दो फिल्ममेकर जब भी बैठते हैं तो कुछ न कुछ नया सीखते हैं। क्रिएटिव लोगों का नजरिया अलग होता है, सोच अलग होती है, तो कुछ न कुछ नयापन बाहर निकलकर आता है।” उनका कहना कहना है कि दोनों देशों का क्रिएटिव टैलेंट (रचनात्मक प्रतिभा) जितना ज्यादा से ज्यादा आपस में मिलेगा, उतना ही दोनों देशों की फिल्म इंडस्ट्री को फायदा पहुंचेगा।

चीन का बॉक्स ऑफिस कमाई के मामले में अमेरिका के बाद दूसरे नंबर पर है। प्रसाद शेट्टी ने चीन के बॉक्स ऑफिस के बारे में बात करते हुए कहा, “चीन हमेशा से इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज्यादा जोर देता आया है। न केवल बड़े शहरों में बल्कि छोटे से छोटे शहरों में भी सिनेमाघर बने हुए हैं।” लेकिन उनका यह भी मानना है कि चीन में स्क्रीन की संख्या तो बहुत है, पर फिल्में उतनी नहीं हैं। यहां जिस तरह का इंफ्रास्ट्रक्चर है, उतना कंटेंट नहीं है। उन्होंने बड़े उत्साह के साथ कहा, “क्रिएटिव लोगों के लिए बहुत अच्छा समय है। उनके पास दायरा इतना बड़ा है कि कुछ भी क्रिएटिव कर सकते हैं।”

कबीर खान ने इंटरव्यू में भारतीय फिल्मों की खासियत पर चर्चा करते हुए कहा कि भारतीय फिल्मों में इमोशनल और नाटकीय हिस्सा बहुत ज्यादा होता है। इसलिए एशियाई, अफ्रीकी क्षेत्रों में बहुत पसंद की जाती हैं, लेकिन यूरोप में नजरिया थोड़ा अलग होता है। वहां चीज़ों को अलग ढंग से देखा जाता है।

वहीं, फिल्ममेकर प्रसाद शेट्टी ने कहा, “हॉलिवुड फिल्में आंखों के लिए बनाई जाती हैं, जबकि भारतीय फिल्में दिलों के लिए बनाई जाती हैं।” उनका कहना है कि भारतीय फिल्में चीनी दर्शकों के दिलों को बहुत लुभाती हैं। उन्हें फिल्म से प्यार हो जाता है। उनका कहना है कि लोग हॉलिवुड फिल्मों का आनंद लेते हैं, लेकिन भारतीय फिल्मों को प्यार करते हैं।

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