(इंटरव्यू) जल्द ही भारत द्वारा तैयार दवाएं मिलेंगी चीन में- राजदूत मिस्री

2019-05-04 19:20:00

(इंटरव्यू) जल्द ही भारत द्वारा तैयार दवाएं मिलेंगी चीन में- राजदूत मिस्री

भारत और चीन के रिश्ते हाल के दिनों में मजबूत हुए हैं। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीनी राष्ट्रपति के साथ वूहान में अनौपचारिक वार्ता के बाद संबंधों में और गर्माहट आयी है। भारत व चीन विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा रहे हैं। द्विपक्षीय व्यापार में भी इजाफा हो रहा है। पिछले दिनों भारत के दो प्रमुख पोत आईएनएस शक्ति और आईएनएस कोलकाता ने छिंगताओ में चीनी पीएलए की नेवी की 70वीं वर्षगांठ में शिरकत की। जो इस बात का प्रतीक है कि दोनों देशों के सैन्य क्षेत्र में भी रिश्ते बेहतर हो रहे हैं।

इस मौके पर चीन स्थित भारतीय राजदूत विक्रम मिस्री के साथ सीआरआई ने बात की। बातचीत में विक्रम मिस्री एशिया के इन पड़ोसी देशों के रिश्तों को लेकर आशावान दिखे। इतना ही नहीं भारतीय दवाओं के चीन में बढ़ते बाजार पर भी उन्होंने बात की। बकौल मिस्री चीन और भारत के बीच फार्मा सेक्टर में सहयोग की काफी संभावनाएं हैं। जैसा कि हम जानते हैं कि भारत दुनिया में जेनेरिक दवाओं के सबसे बड़े निर्माताओं में से एक है। अकेले भारत में इस तरह की 20 प्रतिशत से ज्यादा दवाएं बनती हैं।

(इंटरव्यू) जल्द ही भारत द्वारा तैयार दवाएं मिलेंगी चीन में- राजदूत मिस्री

वहीं विक्रम मिस्री ने कहा कि छिंगताओ में आयोजित आईएफआर में भारतीय पोतों का भाग लेना यह दर्शाता है कि भारत और चीन के संबंध मजबूत हैं और हाल के दिनों में सुदृढ़ हुए हैं। पिछले एक साल में इन संबंधों में बेहतरी आयी है। खासकर चीनी राष्ट्रपति और भारतीय प्रधानमंत्री की वूहान में मुलाकात के बाद। उसके बाद अब तक ये दोनों नेता और तीन बार भेंट कर चुके हैं। इसके साथ ही दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी भी आपस में मिलते रहे हैं। रक्षा क्षेत्र में भी बातचीत का सिलसिला चल पड़ा है। इस मौके पर हमने छिंगताओ में भाग लेने का फैसला किया। भारत में चुनावों के बाद सरकार बनेगी, उसके बाद राजनीतिक रिश्ते और व्यापारिक रिश्तों में भी तेजी आएगी। देखना होगा कि हम कितना आगे बढ़ पाते हैं।

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