(इंटरव्यू) बिजनेस बढ़ेगा, सामने नहीं आएगा सीमा विवाद-एस.के.कालरा

2019-05-23 13:35:00

(इंटरव्यू) बिजनेस बढ़ेगा, सामने नहीं आएगा सीमा विवाद-एस.के.कालरा

भारत की नई सरकार के रिश्ते चीन के साथ कैसे होंगे, विशेषकर व्यापार के क्षेत्र में। सीआरआई ने यही जानने की कोशिश की भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट और क्रॉस-बार्डर व्यापार व निवेश संबंधी सलाहकार एस.के.कालरा से। कालरा चीन-भारत व्यापार और संबंधों को लेकर अच्छी समझ रखते हैं। बातचीत में कालरा ने जोर देकर कहा कि चीन को भारत के साथ व्यापारिक संबंध सुधारने पर अधिक ध्यान देना चाहिए।

कालरा कहते हैं भारत और चीन के शीर्ष नेताओं ने पिछले कुछ समय से कई बार भेंट की। कहना गलत नहीं होगा कि दोनों के रिश्ते बेहतर हो रहे हैं। बहुत शंकाओं के बारे में शी चिनफिंग और नरेंद्र मोदी ने बातचीत की। संबंधों को सुधारने के लिए समय की जरूरत होती है, शायद पहले वक्त थोड़ा कम था। लेकिन अब मोदी के दुबारा सत्ता में आ जाने के बाद द्विपक्षीय संबंध जरूर आगे बढ़ेंगे।

चीन और भारत के रिश्तों के बीच ज्यादा बाधाएं तो नहीं थी, जिन्हें सुलझाया नहीं जा सकता है। वास्तव में दोनों देशों के बीच व्यापारिक समझौतों को लेकर चर्चा भी होती रही है। इस दौरान भारत से कई व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल चीन पहुंचे, जबकि चीन से भी तमाम व्यापारिक दल भारत आए। कई मुद्दों पर व्यापक संभावनाएं दिखती हैं, कह सकते हैं कि नया अध्याय खुल चुका है।

जब भी भारत-चीन व्यापार की बात होती है, तो व्यापारिक असंतुलन का मुद्दा आ जाता है। पहले द्विपक्षीय व्यापार भारत के पक्ष में नहीं था, इसे सुधारने के लिए चीन ने बहुत कदम उठाए हैं। इसमें कस्टम ड्यूटी कम करना भी शामिल है। इसके साथ ही चीनी कंपनियों के भारत में निवेश में भी इजाफा हो रहा है।

अमेरिका और चीन के व्यापारिक विवाद पर कालरा सुझाव देते हैं कि चीन सरकार और उसकी कंपनियां अमेरिका के साथ व्यापार को लेकर जितना समय और पैसा खर्च कर रहे हैं। अगर उसका आधा हिस्सा भी भारत के साथ बिजनेस रिलेशन सुधारने में लगाएं तो बहुत शानदार नतीजे सामने आएंगे।

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