क्यू एस रैंकिंग में चीनी विश्वविद्यालय का प्रदर्शन शानदार रहा

2019-06-20 19:38:00

19 जून को क्यू एस (क्वाकक्वारेली सिमोंड्स ) वैश्विक शिक्षा ग्रुप ने लंदन में विश्वभर के विश्वविद्यालयों की नवीन वरीयता क्रम जारी की, जिसमें विश्व के 82 देशों और क्षेत्रों के 1000 विश्वविद्यालय शामिल हैं। चीन का छिंग हुआ विश्वविद्यालय अपनी निरंतर बढ़ रही चौतरफा शक्ति से इस रैकिंग में 16वें स्थान पर रहा ,जबकि पेकिंग विश्वविद्यालय पिछले साल के 30वें स्थान पर बढ़कर 22वें स्थान पर आया। चीन के दो सबसे चोटी स्तर वाले विश्वविद्यालयों ने इतिहास में सबसे ऊँचा स्थान हासिल किया।

2020 क्यू एस विश्व युनिवर्सिटी रैंकिंग में अमेरिका की मैसेचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेकनॉलजी लगातार 8 साल तक विश्व के पहले स्थान पर रही। नेशनल युनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर और नानयांग टेकनॉलजिकल युनिवर्सिटी संयुक्त रूप से 11वें स्थान पर रहे, जिनकी रैंकिंग एशियाई विश्वविद्यालयों में सब से ऊँची है। नवीन रैंकिंग में चीनी मुख्य भूमि के विश्वविद्यालयों का प्रदर्शन शानदार रहा। छिंग हुआ विश्वविद्यालय विश्व में 16वें स्थान पर रहा ,जो अमेरिका के येल विश्वविद्यालय और कोलंबिया विश्वविद्यालय से आगे है। पेकिंग विश्वविद्यालय 8 पायदान चढ़कर 22वें स्थान पर आ गया। चीन में कुल 65 विश्वविद्यालय इस रैंकिंग में नज़र आये, जिनमें मुख्य भूमि के 42 ,थाईवान के 16 और हांगकांग के 7 विश्वविद्यालय शामिल हैं।

क्यू एस वैश्विक शिक्षा ग्रुप के चीनी क्षेत्र के मैनेजर च्यांग श्येन ने बताया कि चीन विज्ञान और अनुसंधान को बड़ा महत्व देता है और इसमें पूंजी निवेश निरंतर बढ़ा रहा है। इस तरह चीन के अनुसंधान की समग्र शक्ति दिन ब दिन बढ़ रही है और अमेरिका और ब्रिटेन के साथ शिक्षा क्षेत्र में फासला निरंतर पाट रहा है। उन्होंने बताया कि चालू साल नये चीन की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ है। चीनी शिक्षा की समग्र शक्ति और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव को बड़ी मज़बूती मिली है और शिक्षा के आधुनिकीकरण में महत्वपूर्ण प्रगति हासिल हुई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर वाले विज्ञान और अनुसंधान को चीन बड़ा महत्व देता है और इस में पूंजी निवेश निरंतर बढ़ा रहा है, जिससे चीन के वैज्ञानिक अध्ययन में चौंकाने वाली प्रगति हुई और अमेरिका से चीन का फासला निरंतर कम हो रहा है।

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