जर्मन कारोबारों की उम्मीद है कि चीन और अमेरिका वार्ता के जरिये मतभेदों का समाधान करें

2019-07-08 11:46:00

हाल ही में समाप्त जी20 शिखर सम्मेलन में चीन और अमेरिका के राजनेताओं ने समंव्य, सहयोग और सुस्थिरता पर आधारित व्यापारिक वार्ता की बहाली पर सहमत जतायी। इस पर जर्मन कारोबारों के सूत्रों ने यह आशा जतायी कि दोनों देश वार्ता से मतभेदों का समाधान कर सकेंगे।

जर्मन मेइस्टरक्रेइस संघ के संस्थापक क्लेमेंस फ्लांज़ ने कहा कि पारस्परिक प्रतिबंध लगाने से बुरा प्रभाव पड़ेगा, केवल समानता पर आधारित वार्ता करने से दोनों देशों और यहां तक सारी दुनिया के हितों के अनुकूल होगा। विश्व में दो सबसे बड़े अर्थतंत्र होने के नाते चीन और अमेरिका के बीच संबंधों के परिवर्तन से सारी दुनिया पर प्रभाव पड़ेगा। यह खुशीजनक है कि दोनों देश वार्ता की बहाली पर यथासंभव कोशिश करने को तैयार हैं। सभी उद्योगधंधों के लिए अनिश्चितता अच्छी बात नहीं है, क्योंकि इससे कारोबारों और उपभोक्ताओं की मानसिकता को निम्न बनाया जाएगा। और तो और यूरोप और अमेरिका के बीच जो संबंध है, वह भी इतना अच्छा नहीं है। इसलिए यूरोप और अमेरिका के बीच सकरात्मक वार्ता करने की भी जरूरत है।

जर्मन चॉकलेट कारोबार के मार्केट सेल्स मैनेजर मैक्सिमिलियन कौब ने कहा कि सहयोगी आधार के बिना उभय जीत हासिल करना असंभव है। अमेरिका की प्राथमिकता का नारा बुलंद करने से अपने हितों की गारंटी करना सही नहीं है। अमेरिका ने जर्मन की मोटर गाड़ी समेत अनेक यूरोपीय मालों पर प्रतिबंध लगाना शुरू किया है। हमें विवश होकर एशिया में अपना सेल्स केंद्रीत करना पड़ता है। चीनी मार्केट की प्रधानता और ऑनलाइन भुगतान की तकनीक से हम आकर्षित हैं।

( हूमिन )

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