टिप्पणी:व्यावहारिक सहयोग से नए युग में चीन-रूस संबंधों में नयी शक्ति

2019-09-18 20:09:00

चीनी प्रधानमंत्री ली खछ्यांग ने 16 से 18 सितंबर तक रूस की यात्रा की और रूसी प्रधानमंत्री मेदवेदेव के साथ 24वीं चीन-रूस प्रधानमंत्री वार्ता में भाग लिया। यात्रा के दौरान दोनों नेताओं ने सहयोग की दिशा तय की और कई दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर किये, जिससे दोनों देशों के नये युग में संबंधों के विकास में नयी शक्ति फूंकी गयी है।

इस वर्ष के जून माह में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने रूस की राजकीय यात्रा की और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ चीन-रूस संबंधों को नये युग में पूर्ण रणनीतिक साझेदार संबंध के स्तर तक पहुंचाने की घोषणा की। इस तरह दोनों देशों के बीच संबंध एक अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गये। दोनों देशों के नेताओं की योजना के मुताबिक चीन और रूस ने व्यावहारिक सहयोग गहराने और सामान्य हितों का विस्तार करने की दिशा तय की है। गत वर्ष चीन-रूस व्यापार रकम प्रथम बार एक खरब अमेरिकी डालर तक पहुंची, जिसकी वृद्धि दर 27.1 प्रतिशत दर्ज हुई। इस वर्ष के पहले आठ महीनों में चीन-रूस व्यापार की रकम 70.59 अरब अमेरिकी डालर तक जा पहुंची जो पिछले साल से 4.5 प्रतिशत अधिक रही। प्रधानमंत्री ली खछ्यांग की यात्रा के दौरान दोनों पक्षों ने सहयोग के नये कदम भी स्पष्ट किये। योजनानुसार वर्ष 2024 तक चीन और रूस के बीच द्विपक्षीय व्यापार की रकम दो खरब अमेरिकी डालर तक जा पहुंचेगी। दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की संयुक्त विज्ञप्तियों के अनुसार चीन और रूस व्यापार, निवेश, कृषि, नाभिकीय ऊर्जा, अंतरिक्ष और डिजिटल अर्थतंत्र के क्षेत्रों में अधिक सहयोग करेंगे। अनुमान है कि दोनों पक्षों के समान प्रयासों से चीन की औद्योगिक, पूंजी और बाजार शक्तियों को रूस के संसाधन, तकनीक और प्रतीभा के साथ जोड़ा जाएगा। चीन-रूस सहयोग का स्तर भी पारंपरिक ऊर्जा सहयोग से उच्च तकनीक की ओर उन्नत किया जाएगा और दोनों देशों की जनता को इसका लाभ मिलेगा।

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