महाबलीपुरम: शी चिनफिंग और नरेंद्र मोदी के बीच मुलाकात

2019-10-12 11:08:00

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 11 अक्तूबर को चेन्नई में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।

शी चिनफिंग गाड़ी से महाबलीपुरम गए, रास्ते पर उनकी बड़े आकार वाली फोटो दिखाई दे रही हैं। हजारों नागरिकों और छात्रों ने चीन और भारत के राष्ट्रीय झंडे फहराते हुए उनका स्वागत किया। भारतीय पारंपरिक वस्त्र पहने हुए स्थानीय लोग ढोल बजाते हुए गाते नाचते रहे।

मोदी ने चेन्नई की यात्रा के लिए शी चिनफिंग का हार्दिक स्वगत किया। शी चिनफिंग ने कहा कि गत वर्ष मैंने प्रधानमंत्री जी के साथ वूहान में सफलतापूर्ण रूप से मुलाकात की, जिससे चीन-भारत संबंधों का नए दौर में प्रवेश हुआ है। मैं बहुत खुश हूँ कि आपका निमंत्रण पाकर तमिलनाडु आया, यहां भारत के प्रति मेरी समझ और बढ़ेगी।

महाबलीपुरम मंदिर समूह की स्थापना इस्वी बाद 7वीं से 8वीं शताब्दी में हुई, जो पंचरथ, अर्जुन तपस्या स्थल और शोर मंदिर के नाम से जाने जाते हैं। मोदी ने शी चिनफिंग को घुमाया और उन स्थलों की जानकारी का परिचय दिया। दोनों नेताओं ने चलते हुए भी बातचीत की। उन्होंने गहन रूप से विचारों का आदान-प्रदान किया और सभ्यताओं के संवाद और आपसी सीख की चर्चा की।

शी चिनफिंग ने कहा कि तमिलनाडु और चीन के बीच आवाजाही का इतिहास बहुत पुराना है। प्रचीन काल से ही चीन के साथ समुद्री व्यापारिक संपर्क घनिष्ठ रहा, यहां प्राचीन रेशम मार्ग के समुद्री मालों के स्थानान्तरण स्थल है। चीन और भारत हज़ारों वर्ष पुरानी सभ्यता वाले देश हैं। दोनों के बीच आदान-प्रदान और आपसी सीख आज तक जारी है। दोनों देशों के पूर्वजों ने मुश्किलों और बाधाओं को दूर करके व्यापक आदान-प्रदान किया, जिससे साहित्य, कला, दर्शन और धर्म के विकास और प्रसारण को आगे बढ़ाया गया और दोनों देशों को बड़ा लाभ मिला है। चीन और भारत के बीच मानविकी आदान-प्रदान की बड़ी निहित शक्ति मौजूद है। अगले वर्ष चीन और भारत के बीच कूटनीतिक संबंध स्थापना की 70वीं वर्षगांठ है, दोनों देशों को इसका लाभ उठाकर व्यापक क्षेत्रों, ज्यादा गहरे स्तरीय मानविकी आदान-प्रदान करना चाहिए, विभिन्न सभ्यताओं के बीच संवाद और आदान-प्रदान को समान रूप से आगे बढ़ाना चाहिए, ताकि द्विपक्षीय संबंधों के विकास में ज्यादा स्थाई प्रेरित शक्ति का संचार हो सके और एशियाई सभ्यता की नई महानता लिखी जाए।

न्यूज़ व्यापार पर्यटन बाल-महिला स्पेशल विश्व का आईना चीनी भाषा सीखें वीडियो फोटो गैलरी