चीन ने आर्कटिक नीति पर श्वेत पत्र जारी किया

2018-01-26 14:58:03

चीन ने आर्कटिक नीति पर श्वेत पत्र जारी किया

26 जनवरी को चीन ने अपनी आर्कटिक नीति पर एक श्वेत पत्र जारी किया ।यह पहली बार है कि चीन ने आर्कटिक नीति पर श्वेत पत्र जारी किया ।

चीनी राज्य परिषद के सूचना कार्यालय द्वारा जारी लगभग 9000 शब्दों वाले इस श्वेत पत्र में चार मुख्य भाग हैं यानी आर्कटिक की परिस्थिति और परिवर्तन ,चीन और आर्कटिक के संबंध ,चीन की आर्कटिक नीति और मूल सिद्धांत ,आर्कटिक मामले में चीन की हिस्सेदारी के पक्ष ।

श्वेत पत्र में कहा गया कि आर्थिक भूमंडलीकरण और क्षेत्रीय एकीकरण के विकास के बीच रणनीति ,अर्थव्यवस्था ,विज्ञान व तकनीक ,पर्यावरण ,जहाजरानी और संसाधन में आर्कटिक का मूल्य निरंतर बढ़ रहा है ।आर्कटिक मामले आर्कटिक क्षेत्र के बाहर के देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समग्र हितों से जुड़े हैं ,जिस का विश्वव्यापी महत्व और प्रभाव है ।

श्वेत पत्र में कहा गया कि चीन आर्कटिक मामले में सकारात्मक हिस्सेदार ,निर्माणकर्ता और योगदानकर्ता है ।चीन आर्कटिक विकास के लिए चीनी बुद्धि और शक्ति प्रदान करेगा ।

श्वेत पत्र में कहा गया कि चीन भौगोलिक दृष्टि से आर्कटिक से करीब देश है ।आर्कटिक की प्राकृतिक स्थिति और बदलाव से चीन के जलवायु और पर्यावरण पर प्रत्यक्ष असर पड़ता है और चीन के कृषि ,वन ,मत्सय उद्योग और सागर क्षेत्र के आर्थिक लाभ से संबंधित है ।

श्वेत पत्र में कहा गया कि चीन समादर ,सहयोग ,साझी जीत और निरंतर विकास के बुनियादी सिद्धांतों पर कायम रहकर विभिन्न पक्षों क साथ आर्कटिक के पहचान ,सुरक्षा ,इस्तेमाल और प्रशासन में भाग लेगा और एक पट्टी एक मार्ग प्रस्ताव में आर्कटिक से जुडे सहयोग बढाएगा ताकि आर्कटिक के शांतिपूर्ण ,स्थिर और निरंतर विकास के लिए योगदान दिया जाए ।(वेइतुङ)

चीन ने आर्कटिक नीति पर श्वेत पत्र जारी किया

चीन ने आर्कटिक नीति पर श्वेत पत्र जारी किया

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