ल्यांगच्याहो (भाग 5)

2018-07-05 11:35:08

गुफा के कमरे के बाहर 14 वर्षीय लड़का वू हूई (Wu Hui)खड़ा था। पुराने कपड़े पहने हुए यह लड़का पतला और छोटा था। वू हूई शी चिनफींग से एक साल छोटा था, वह ल्यांगच्याहो गांव का एक मिडिल स्कूल का छात्र था।

सर्दियों का दिन था और कमरे में बहुत ठंड थी। कड़ाके की ठंड से बचने के लिए शिक्षित युवकों ने वू हूई से मिट्टी से बने पलंग के नीचे के स्टोव में आग जलाने को कहा। इस तरह वू हूई अक्सर इन शिक्षित युवकों के कमरे में आ जाता था। लेकिन शिक्षित युवकों को यैनछ्वान (Yan Chuan) क्षेत्र की बोली समझने में मुश्किलें आती थीं। वू हूई इनकी मदद के लिये अनुवादक का काम करने लगा। शिक्षित युवकों का घनिष्ठ दोस्त बनने के बाद वह अक्सर इनके साथ बातचीत करने लगा। पर युवकों के कमरे में रखी किताबें वू हूई का ध्यान अपनी ओर खींचने लगीं। और वह युवकों से किताब उधार लेने लगा।वू हूई को याद है कि उसने शी चिनफींग से कई पुस्तकें उधार ली थीं। उनमें एक थी “एक लाख प्रश्न”। इस किताब को पढ़ने के बाद वू हूई के दिल में विश्व की खिड़की खुली। अच्छी पुस्तकें पढ़ने से वह बहुत उत्तेजित था।“एक लाख प्रश्न”पढ़ने के बाद वू हूई ने शी चिनफींग के यहां से “तीन राज्य”, “माता जी” और “मूक नदी डॉन” जैसी चीनी और विदेशी मशहूर कृतियों को उधार लिया। शी चिनफींग और बाकी शिक्षित युवकों से वू हूई को ईमानदारी, द्वार खुलने और व्यावहारिकता की भावना महसूस होने लगी। शी चिनफींग के प्रभाव से वू हूई ज्ञान के महासागर में गोता लगाने लगा और उसके दिल में एक उच्च स्तरीय विद्यालय में पढ़ने का विचार भी जन्म लेने लगा।

वर्ष 1973 में वू हूई ने शी चिनफींग के साथ साथ विश्वविद्यालय की भर्ती परीक्षा में भाग लिया। वू हूई को यैनआन (Yan An) के अध्यापक अकादमी में भर्ती कराया गया। कॉलेज में पढ़ने जाने से पहले शी चिनफींग ने वू हूई को खाद्य पदार्थ खरीदने के लिए कुछ कूपन दिये। फिर शी ने वांग येन शेंग का छोड़ा हुआ एक नीला कोट निकाल कर वू हूई को दिया और उसे बताया, “यह आप के लिए है, सर्दियों के दिनों में ये कोट बहुत मददगार होगा।”

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