10वां बिक्र्स शिखर सम्मेलन- व्यापार संरक्षणवाद रहेगा बड़ा मुद्दा

2018-07-24 15:13:01

लेखक- अखिल पाराशर

ब्रिक्स पांच प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं--- ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका का समूह है जहां विश्वभर की 43% आबादी रहती है, जहां विश्व का सकल घरेलू उत्पाद 30% है और विश्व व्यापार में इसकी 17% हिस्सेदारी है।

ब्रिक का पहली बार प्रयोग साल 2001 में गोल्डमैन सैक्स के मुख्य अर्थशास्त्री जिम ओ'नील ने अपने वैश्विक आर्थिक पत्र “द वर्ल्ड नीड्स बेटर इकोनोमिक ब्रिक्स” में किया था, जिसमें इकॉनोमीट्रिक विश्लेषण के आधार पर यह अनुमान लगाया गया कि आने वाले समय में ब्राजील, रूस, भारत एवं चीन की अर्थव्यवस्थाओं का व्यक्तिगत और सामूहिक रूप से विश्व के आर्थिक क्षेत्रों पर नियंत्रण होगा और अगले 50 वर्षों में ये विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से होंगी।

साल 2010 में, दक्षिण अफ्रीका समूह में शामिल हुआ और समुह का नाम ‘ब्रिक्स’ बन गया। ये पांचो देश दुनिया की आबादी का 43 प्रतिशत और सकल घरेलू उत्पाद का 30 प्रतिशत प्रतिनिधित्व करते हैं। पिछले दस वर्षों में, ब्रिक्स देशों ने दुनिया के आर्थिक विकास में आधे से अधिक योगदान दिया है और व्यापार, वित्त, कृषि और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग किया है।

इस साल दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में ब्रिक्स देशों का 10वां शिखर सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है। यह दूसरी बार है जब अफ्रीकी देश उभरती अर्थव्यवस्थाओं की इस अंतर्राष्ट्रीय बैठक की मेजबानी करेगा। इससे पहले साल 2013 में 5वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी की थी। देखा जाए तो जोहान्सबर्ग शिखर सम्मेलन ने व्यापक ध्यान आकर्षित किया है क्योंकि यह ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की 10वीं वर्षगांठ के साथ मेल खाता है।

इस शिखर सम्मेलन में महत्वपूर्ण गतिविधियों की एक श्रृंखला आयोजित की जाएगी जिसमें ब्रिक्स बिजनेस फोरम, नेताओं की छोटे व बड़े पैमाने की बैठकें, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की 10वीं वर्षगांठ मनाने के लिए एक अनौपचारिक बैठक, ब्रिक्स देशों और अफ्रीकी देशों के नेताओं के बीच बातचीत के लिए एक अनौपचारिक बैठक, और ब्रिक्स प्लस नेताओं की वार्तालाप शामिल होंगी।

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