टिप्पणीः जीडीपी का 60 प्रतिशत अमेरिका द्वारा बनायी गयी प्रतिद्विंदी के लिए एक लाल रेखा है

2018-08-10 19:47:58

लेकिन आज का चीन उस समय का जापान नहीं है। आज चीन के पास विशाल घरेलू उपभोक्ता बाजार है। पहला, चीन में व्यापक विचार-विमर्श, साझा सहयोग और सहभागी लाभ और एक पट्टी एक मार्ग आदि नये सहयोग के प्लेटफार्म हैं। जबकि पहले जापान निर्यात और अमेरिका व यूरोप के बाजारों पर बड़ा निर्भर था। इस साल के पहले सात महीनों में एक पट्टी एक मार्ग से जुड़े देशों और क्षेत्रों के साथ चीन की कुल व्यापार राशि 45.7 खरब चीनी युआन तक पहुंची है, जो कुल विदेशी व्यापार राशि के करीब 27.3 प्रतिशत है और चीन-अमेरिका व्यापार राशि से 22.8 खरब चीनी युआन अधिक रही। दूसरा, चीन के पास स्थिर राजनीतिक तंत्र और लम्बे विकास की रणनीति है। जबकि पहले जापान राजनीतिक माहौल और आर्थिक नीति का अभाव था। सिर्फ 1989 से 2000 के बीच जापान ने 9 बार सरकार का पुनःगठन किया, जिस ने परिस्थिति के प्रति जापान सरकार की समझ और नीति के कार्यान्वयन पर भारी असर पड़ा था। तीसरा, चीन के पास विश्व में सबसे बड़े पैमाने वाला औद्योगिक तंत्र है। चीन वैश्विक उद्योग चेन और सप्लाई चेन का अहम भाग बन चुका है। अमेरिका की एपल कंपनी की ही मिसाल लें, तो एपल कंपनी के 200 सप्लाई उपक्रमों में करीब 31.5 चीन से आये हैं।

हालांकि चीन और जापान के तेज़ पुनरुत्थान की प्रक्रिया में दोनों को अमेरिका का दबाव मिला है, फिर भी दोनों देशों के भाग्य बिलकुल अलग होंगे। चीन में विकास की जड़ कभी नहीं हिलती है। जब चीन परिस्थिति को सही ढंग से समझकर अपने काम को अच्छी तरह अंजाम देता है, तो चीन की विशाल आर्थिक जहाज अवश्य ही विविधतापूर्ण कठिनाईयों को दूर कर साहसी से आगे चलती रह सकेगी।

(श्याओयांग)

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