(इंटरव्यू) चीन और भारत को एक दूसरे देशों के विकास से सीखना चाहिए : आईसीसीआर अध्यक्ष

2018-08-22 16:39:01

भारतीय स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले यानि 14 अगस्त को चीन स्थित भारतीय दूतावास में भारतीय सांस्कृतिक केंद्र का नामकरण समारोह आयोजित हुआ। भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के अध्यक्ष डॉ. विनय सहस्रबुद्दे ने चीन में भारतीय राजदूत गौतम बंबावाले के साथ मिलकर भारतीय सांस्कृतिक केंद्र का नामकरण करके "स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र" किया।

72वें भारतीय स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के अध्यक्ष डॉ. विनय सहस्रबुद्धे ने सीआरआई संवाददाता को दिए एक खास इंटरव्यू में कहा कि आईसीसीआर का स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र कई गतिविधियों, कार्यक्रमों और परियोजनाओं के माध्यम से भारत के विचारों के बारे में एक प्रबुद्ध समझ बनाने की दिशा में काम करेगा।

चीन स्थित भारतीय दूतावास के परिसर में इंटरव्यू देते हुए आईसीसीआर के अध्यक्ष डॉ. सहस्रबुद्धे ने कहा कि पूरे विश्व में आईसीसीआर के जितने भी सांस्कृतिक केंद्र, जिनका न कोई नाम है या न कोई पहचान है, उनका नाम स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र रखा जा रहा है। वो इसलिए क्योंकि इस साल स्वामी विवेकानंद के अमेरिका के शिकागो में दिए गए ऐतिहासिक भाषण की 125वीं वर्षगांठ है और स्वामी विवेकानंद ने उन बातों का प्रतिनिधित्व किया जो भारत की पहचान के अनुरूप था।

उन्होंने अपने इंटरव्यू में यह भी कहा कि आईसीसीआर सांस्कृतिक केंद्रों में कुछ नये कार्यक्रमों और गतिविधियों को समाहित कर रहा है। उन्होंने कहा कि आईसीसीआर भारत आंकलन कार्यक्रम के निर्माण के बारे में विचार कर रहा जिसके तहत उन लोगों को निकट लाया जा सकेगा, जो भारत के बारे में ज्यादा जानना व समझना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की महत्वपूर्ण पारंपरिक कलाओं को आईसीसीआर के एजेंडे पर लाया जाएगा, साथ ही खादी वस्त्र फैशन शो, मेहंदी पद्धति, रंगोली पद्धति आदि को लोगों के सम्मुख लाया जाएगा।

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