टिप्पणी: ड्रैगन और हाथी के एक साथ नाचने से सच्ची“एशियाई सदी”आएगी

2018-12-26 16:01:15

टिप्पणी: ड्रैगन और हाथी के एक साथ नाचने से सच्ची“एशियाई सदी”आएगी

25 दिसम्बर को भारत में सबसे बड़े दोहरे उद्देश्य वाले पुल—बोगीबील पुल पर यातायात शुरू हुआ, इसकी कुल लम्बाई 4.94 किलोमीटर दूर है। इसके उद्घाटन समारोह में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाग लिया। भारतीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह भारत में 16 सालों में निर्मित यूरोपीय मानक वाला एकमात्र पुल है, जिसका 120 साल तक इस्तेमाल किया जा सकता है। इस घटना के साथ-साथ चीन और भारत के आर्थिक विकास से संबंधित चर्चा एक बार फिर उभरी हुई है।

एक दूसरे के पड़ोसी और विश्व में सबसे ज्यादा जनसंख्या वाले दोनों विकासशील देश होने के नाते चीन और भारत के बीच आवाजाही का इतिहास 2 हज़ार साल से अधिक पुराना है। आधुनिक काल में दोनों देशों की जनता ने एक दूसरे के जातीय मुक्ति युद्ध में पारस्परिक समर्थन किया, जिससे एशिया के जागरण को आगे बढ़ गया। चीन, भारत और म्यांमार के आह्वान पर स्थापित पंचशील सिद्धांत अंतरराष्ट्रीय संबंधों के इतिहास में एक रचना भी मानी जाती है।

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लेकिन चीनी और भारतीय नागरिकों को एक दूसरे की समझ भी कम है। साल 2017 में तोंगलांग घटना पैदा हुई, जिससे चीन-भारत संबंध कसौटी पर खरे उतरे। सौभाग्य की बात है कि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गत अप्रैल महीने में मध्य चीन के हूपेई प्रांत की राजधानी वूहान में अनौपचारिक भेंट-वार्ता की, उन्होंने द्विपक्षी संबंधों के स्वस्थ विकास को आगे बढ़ाने में ज्यादा कदम उठने का फैसला किया। इसके तहत दोनों पक्षों ने चीन-भारत उच्च स्तरीय मानविकी आदान प्रदान व्यवस्था स्थापित की।

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