टिप्पणी:यूरोप में फैली "चीन की आशंका" बिल्कुल निराधार है

2019-04-02 18:08:00

जर्मनी के थोक, विदेश व्यापार और सेवा संघ के प्रधान होलगर बिंगमान ने हाल ही में कहा कि यूरोप में फैली "चीन की आशंका" बिल्कुल निराधार है, यूरोप में विदेशों की रोकथाम करने का रक्षात्मक गढ़ बनाने की इजाजत नहीं हो सकती है।हाल ही में जर्मनी और फ्रांस में चीनी और अमेरिकी कारोबारों की प्रतिस्पर्धा को रोकने के लिए कदम उठाने की मांग की गयी। इस सवाल को लेकर बिंगमान ने कहा कि यूरोप में लोगों को "चीन की आशंका" से ग्रस्त नहीं रहना चाहिये और बंद नीति कायम नहीं करनी चाहिये। उन्होंने कहा कि यह गलत विचार है कि अगर यूरोप के द्वार बन्द करेगा, तो रोजगार और सुखमय जीवन तैयार हो सकेगा।

इटली ने हाल ही में चीन के साथ एक पट्टी एक मार्ग सहयोग के एमओयू पर हस्ताक्षर किये। इटली के इस कदम का मकसद अधिकाधिक चीनी निवेश को आकर्षित करना और चीन के बाजारों में अपने अधिक मालों की बिक्री करना है। लेकिन इटली के इस कदम से यूरोप के कुछ लोगों में नकारात्मक प्रभाव पैदा करना है। उन के विचार में चीन-इटली सहयोग से यूरोप को विभाजित किया गया है। उन की यह शंका भी हुई है कि चीन के निवेश से यूरोप में अधिक चीनी प्रभाव आएगा। वास्तव में चीन और यूरोप दोनों बहुध्रुवीय दुनिया के लिए कोशिश कर रहे हैं। अनेक सवालों पर चीन और यूरोप घनिष्ठ सहयोग करने वाले रणनीतिक सहपाठी हैं। मिसाल के तौर पर अमेरिका के पेरिस समझौते से हटने के बाद चीन और यूरोप नेतृत्वकारी भूमिका अदा कर रहे हैं। ईरान नाभिकीय समझौते से अमेरिका के हटने के बाद चीन, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और रूस ने इस समझौते पर डटा रहने का चयन किया। बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था की रक्षा करने के सवाल पर चीन और यूरोप का समान या मिलता जुलता विचार भी है। यह कहा जा सकता है कि चीन-यूरोप सहयोग नियम से आधारित विश्व व्यवस्था की रक्षा करने में अनिवार्य है।

न्यूज़ व्यापार पर्यटन बाल-महिला स्पेशल विश्व का आईना चीनी भाषा सीखें वीडियो फोटो गैलरी