बॉलिवुड स्टार शाहरुख खान के साथ ख़ास इंटरव्यू

2019-04-19 17:15:00

शाहरुख का कहना है भारत और चीन दो बड़े एशियाई देश हैं, संस्कृति, रीति-रिवाज, पारिवारिक मान्यता आपस में मेल खाते हैं। चीनी और भारतीय फिल्मों को परिवार के साथ देखा जा सकता है। उन्होंने कहा, “टेक्नोलॉजी, टैलेंट, मार्किट ये तीनों चीजें साथ आ जाएं, तो बहुत बढ़िया हो जाएगा। इससे दोनों देशों की कला और संस्कृति को भी बेहद लाभ मिलेगा।”

बॉलिवुड स्टार शाहरुख खान के साथ ख़ास इंटरव्यू

पिछले कुछ वर्षों में चीन के सिनेमाघरों में शाहरुख खान की फिल्म माई नेम इज खान, हैप्पी न्यू ईयर, फैन रिलिज हो चुकी है, और उनकी फिल्म देवदास, अशोका चीनी टीवी पर दिखाई जा चुकी है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए शाहरुख ने कहा, “मुझे बहुत खुशी है और यह बहुत उत्साहजनक भी है। सोचा नहीं था यहां के लोग इतना प्यार करते हैं।” उन्होंने कहा कि जब ये फिल्में चीन में प्रदर्शित हुई थीं, तब उन्हें चीन में इनकी लोकप्रियता के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। उन्हें खुशी है कि ऐतिहासिक, पौराणिक, क्लासिकल विषयों पर बनी ये फिल्में चीनी दर्शकों को बहुत पसंद आयी है। उनका कहना है कि चीन एक बहुत बड़ा बाजार है। बड़े बजट की बढ़िया फिल्में बनाये जाने का जोखिम लिया जा सकता है।

पिछले कुछ वर्षों में चीन भारतीय फिल्मों के लिए एक बहुत बड़े बाजार के तौर पर उभरा है। एक के बाद एक भारतीय फिल्में चीन के सिनेमाघरों में लगने लगी हैं। इस पर शाहरुख खान ने कहा, “भारत सबसे पुराना फिल्म बनाने वाले देशों में से एक है, और सबसे ज्यादा फिल्म बनाने वाला देश भी है। लगता है कि अब समय आ चुका है कि भारत की फिल्मों को दुनिया भर में देखी जाए, सिर्फ हॉलिवुड ही नहीं देखी जाए।”

उनका कहना है कि जब कभी नया बाजार खुलता है, और नया माहौल बनता है, तो न केवल हिन्दी फिल्मों के लिए, बल्कि पूरी भारतीय फिल्म उद्योग के लिए बहुत उत्साहजनक रहता है। चीन न केवल भारतीय फिल्मों के लिए, बल्कि हॉलिवुड फिल्मों के लिए नया मुकाम बन चुका है।

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