व्यापार युद्ध नहीं चाहता, पर इससे डरता भी नहीं

2019-05-14 20:07:00

चाइना मीडिया ग्रुप ने 13 मई को अपने टीवी समाचार प्रोग्राम में यह रिपोर्ट दी कि अमेरिका ने चीनी मालों पर 25 प्रतिशत कर वसुलने की धमकी दी। इसके प्रति चीन का रुख है कि चीन व्यापार युद्ध नहीं चाहता है, पर इससे डरता भी नहीं है।

बाह्य दबाव कितना बड़ा हो तो चीन के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात है अपना काम अच्छी तरह से करना। चाहे अमेरिका वार्ता जारी रखेगा या व्यापार युद्ध बोलेगा, चीन पूरी तरह से तैयारियां कर चुका है। चीनी नेटिजनों ने इस खबर के प्रति अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि अमेरिका के दबाव के सामने चीन अपना सिर नहीं झुकाएगा।

चीन का सदैव रुख रहा है कि वह अपने केंद्रीय हितों के प्रति रियायत नहीं देगा। साथ ही वार्ता करने का द्वार हमेशा खुला हुआ है। इंटरनेट पर चीनी सरकार के रुख का नेटिजनों में व्यापक स्वागत और समर्थन किया गया है। अमेरिका की दादागिरी के सामने चीनी जनता एकजुट रहेगी।

13 मई को अमेरिका द्वारा चीनी मालों को अधिक कर वसुली लगाने की धमकी दी जाने के बाद विश्व के वित्त बाजार में स्पष्ट मंदी आने लगी है। अमेरिका के डॉव जोन्स की सूचकांक में 600 से अधिक अंक गिर गये हैं। उधर अमेरिका के गोल्डमैन सैच ग्रुप ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि अमेरिकी सरकार द्वारा चीनी मालों पर लगायी गयी कर वसुली की लागत पूर्ण रूप से अमेरिका के कारोबारों और आम परिवारों के सिर पर लगी है। अमेरिकी उपभोक्ताओं के प्रति प्रभाव प्रतीक्षा से अधिक रहा है। तथ्यों से यह साबित है कि व्यापार युद्ध करने से चीन, अमेरिका और सारी दुनिया के लिए हानिकारक ही है। वार्ता करना और सहयोग करना एक मात्र सही रास्ता है।

चीन के बाजार और उत्पादन वस्तुओं की प्रतिस्पर्धा शक्ति चीनी जनता के मेहनत का परीणाम है। चीन में दुनिया में सबसे अधिक इंजीनियर हैं। उत्पादन लाइन हटने के बावजूद चीनी नवाचार का रुझान नहीं रोका जा सकेगा। चीन को प्रौद्योगिकी नवाचार टीम, इंजीनियर और प्रचुर कुशल श्रमिक हैं। अधिक कर वसुली लगाने के बावजूद चीन के पास फिर भी अद्भुत प्रतिस्पर्धा शक्ति मौजूद है। चीन का तकनीकी नवाचार स्तर बढ़ता जाएगा। यह अमेरिकी दादागिरी का सबसे अच्छा जवाब है।

( हूमिन )

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