दुनिया के लिए एक एक रोल मॉडल बन सकता है एशिया

2019-05-15 12:09:00

दुनिया के लिए एक एक रोल मॉडल बन सकता है एशिया

दूसरे बेल्ट एंड रोड फोरम की मेजबानी करने के तीन हफ्ते बाद, पेइचिंग अब एशियाई सभ्यताओं का संवाद सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है।

आज 47 एशियाई देशों और एशिया से बाहर के देशों के प्रतिभागी, चीनी राजधानी में सांस्कृतिक विविधता का जश्न मनाने, सांस्कृतिक संबंध बढ़ाने और समुदाय की एक नई भावना को बढ़ावा देने के लिए इकट्ठा हुए हैं।

इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है कि सभी एशियाई देश आदान-प्रदान और आपसी सीख के विषय पर चर्चा करने के लिए एक साथ नजर आए हैं, और उम्मीद की जा रही है कि यह संवाद सम्मेलन अतीत को प्रतिबिंबित करने और भविष्य की ओर देखने का अवसर प्रदान करेगा।

वैसे भी इस सम्मेलन का उद्देश्य विभिन्न सभ्यताओं के बीच आपसी विश्वास और आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है। इस सम्मेलन की थीम है एशियाई देशों के बीच आदान-प्रदान और आपसी सीख, जो कि हर समय की जरूरतों के अनुरूप है। यह सम्मेलन विभिन्न सभ्यताओं, संस्कृतियों और धर्मों के बीच सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व की तलाश करने का एक प्रबल और सजीव उदाहरण पेश करता है।

देखें तो इस सम्मेलन की महत्ता इस बात से भी लगायी जा सकती है कि चीनी राष्ट्रपति शी चिनपिंग अलग-अलग मंचों पर कई बार एशियाई सभ्यताओं के बीच आदान-प्रदान और एशिया में अधिक विकास और सहयोग जीवन शक्ति को बढ़ावा देने की बात कह चुके हैं।

लेकिन मैं समझता हूं कि एशिया सभ्यताओं का संवाद सम्मेलन न तो नया है, और न ही एक विशुद्ध चीनी विचार है। इस तरह के संवाद की आवश्यकता हमने अतीत में और वर्तमान में इसकी रचनात्मक क्षमता के कारण प्रचुर मात्रा में अच्छे से देखी है। सभ्यताओं के बीच आदान-प्रदान न केवल एशियाई देशों, बल्कि एशिया से बाहर के देशों की जनता के हित में है और यकीनन विभिन्न देश इस तरह के संवाद सम्मेलन की जरूरत महसूस कर रहे होंगे।

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