टिप्पणी:अमेरिका से चोरी की बात है बिल्कुल निराधार

2019-05-15 20:37:00

हाल ही में अमेरिका के कुछ राजनीतिज्ञों ने यह दावा किया है कि अमेरिका एक कैश बॉक्स जैसा है, चीन समेत दूसरे देशों ने इसमें से पैसा चोरी करते रहे हैं। ऐसा कथन बिल्कुल निराधार है।

बाजार में जो बिजनेस होता है, इससे खरीदार और विक्रेता दोनों पक्षों से लाभ मिलता है। चीन अमेरिका व्यापार भी ऐसे नियम अपनाता है। अनेक वर्षों में चीन और अमेरिका ने व्यापार के माध्यम से अपने अपने आर्थिक विकास और आर्थिक उन्नयन साकार किया है। चीन ने अमेरिका से बड़ी मात्रा के मशीनरी और कृषि उत्पादों का आयात कर अपने आपूर्ति अभाव को दूर किया। उधर अमेरिका को भी निवेश लगाने और बाजार का विस्तार करने का मौका मिला। लेकिन अमेरिका ने कुछ व्यक्तियों ने चीन को अमेरिका से तकनीक, रोजगार और पूंजी चोरी लगाने का आरोप लगाया। उन्होंने चीन के खिलाफ डेमोनिज़शन करने से कर वसुली लगाना चाहा।

लेकिन चीन के द्वारा तकनीक चोरी लगाने की बात बिल्कुल झूठी है। आंकड़ों के अनुसार अमेरिका ने चीनी बाजारों में से अत्यंत भारी मुनाफा कमाया है। मिसाल के तौर पर वर्ष 2017 में चीन ने अमेरिका को 7.13 अरब अमेरिकी डालर पेटेंट शुल्क भुगतान किया। प्रति वर्ष अमेरिकी कारोबारों की चीन में व्यापारी आय सात खरब अमेरिकी डालर तक जा पहुंची है। इन का शुद्ध मुनाफा पचास अरब अमेरिकी डालर तक जा पहुंचा है। वर्ष 2008 से 2017 तक अमेरिका के चीन को निर्यात में 86 प्रतिशत अधिक रही है, जबकि इसी दौरान दूसरे बाजारों में अमेरिका के निर्यात में सिर्फ 21 प्रतिशत की वृद्धि संपन्न हुई। यात्रा, परिवहन, बौद्धिक संपदा और बीमा के व्यापार में अमेरिका के पास व्यापार अधिशेष है। चीन के बाजार में भारी कोटा प्राप्त करने से भारी आय मिलने के बावजूद कुछ अमेरिकी राजनीतिज्ञों ने चीन का आरोप लगाया है, जो बहुत हास्यास्पद है।

वर्तमान में विश्व व्यापार का 70 प्रतिशत भाग अमेरिकी डालर के जरिये किया जाता है। अमेरिका ने अपने डॉलर आधिपत्य से प्रति वर्ष दूसरे देशों को अरबों का "सिक्का टैक्स" लगाया है, और नोट का प्रिंटिंग मशीन चलाकर विश्व भर में ऋण लिया। अमेरिका की जनसंख्या विश्व जनसंख्या का 4.4 प्रतिशत रहती है, पर उन्होंने विश्व में 22 प्रतिशत माल का उपभोग किया है। अमेरिका विश्व अर्थतंत्र का लूटमार कर रहा है। यह कहा जा सकता है कि अमेरिका द्वारा चीन के खिलाफ चोरी लगाने का जो आरोप लगाया गया है, वह बिल्कुल झूठा और निराधार ही है। उधर अमेरिका के भूतपूर्व वित्त मंत्री सूम्मर ने कहा कि चीनी कंपनी ने अमेरिका में से तकनीक चोरी नहीं, पर अपनी मेहनती से कुछ तकनीकों के संदर्भ में नेतृत्वकारी स्थान प्राप्त किया है। इसके पीछे चीन के असाधारण उद्यमी और विज्ञान व तकनीक पर ध्यान रखने वाली शिक्षा व्यवस्था ही होती है।

चीन के चालीस वर्षों के रुपांतर और खुलेपन में प्राप्त प्रगतियां चोरी करने और दूसरों के दान प्रदान से नहीं, बल्कि चीनी जनता की रचनात्मक भावना, संघर्ष की भावना, एकता और स्वप्न भावना पर निर्भर हैं। चीनी जनता अच्छी तरह से अपना काम करेगी और अधिक "मानव चमत्कार" कीर्तिमान करेगी।

( हूमिन )

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