टिप्पणी:चीन-अमेरिका सहयोग लोगों की समान अभिलाषा है

2019-07-04 20:11:00

3 जुलाई को“वाशिंगटन पोस्ट”ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और कांग्रेस को दिया गया एक खुला पत्र प्रकाशित किया, जिसे पूर्व अमेरिकी राजनीतिज्ञों, जाने माने विद्वानों, विशेषज्ञों ने लिखा है, जो कि अमेरिका के अकादमिक, कूटनीतिक, सैन्य और वाणिज्यिक जगतों के 95 विशेषज्ञों ने संयुक्त रूप से दिया है। पत्र में कहा गया है कि चीन को शत्रु बनाने से अमेरिका को लाभ नहीं मिलेगा। चीन-अमेरिका संबंध की गिरावट से अमेरिका और सारी दुनिया के हितों को नुकसान पहुंचेगा। वाशिंगटन में“चीन के साथ व्यापक प्रतिरोध करने की आम सहमति”मौजूद नहीं है। पत्र में चीन-अमेरिका संबंधों को लेकर सात सूत्रीय सुझाव पेश किए गए। इस पत्र से अमेरिका में चीन-अमेरिका संबंधों के विकास के प्रति लोगों की प्रतीक्षा जाहिर हुई है।

इस खुले पत्र में कहा गया है कि चीन और अमेरिका के शीर्ष नेताओं ने जापान के ओसाका में भेंटवार्ता की। उन्होंने समन्वय, सहयोग और स्थिरता के आधार पर चीन-अमेरिका संबंधों के विकास को आगे बढ़ाने, समानता और आपसी सम्मान के आधार पर आर्थिक व्यापारिक वार्ता को फिर शुरु करने पर सहमति जताई। यह दोनों देशों की जनता की समान अभिलाषा ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय समुदाय की आम प्रतीक्षा में भी है।

इस खुले पत्र में कहा गया है कि चीन आर्थिक क्षेत्र में अमेरिका का शत्रु नहीं है। चीन-अमेरिका संबंध का मूल, आपसी लाभ और उभय जीत का है। साल 1979 में द्विपक्षीय माल व्यापार राशि 25 करोड़ डॉलर से कम थी, लेकिन 2018 में यह राशि 6.3 खरब डॉलर तक पहुंच गई। दोनों देशों की कुल आर्थिक मात्रा विश्व में 40 प्रतिशत तक पहुंच गई। चीन और अमेरिका के बीच एक ही पक्ष की सफलता दूसरे पक्ष की सफलता को आधार बनाया जाता है। अमेरिका के टैरिफ़ को बढ़ाने वाली कार्रवाई चीन और अमेरिका के बीच आपसी लाभ और उदारता वाले द्विपक्षीय संबंधों से दूर हुई, जिससे खुद को ही नहीं, दूसरे को भी नुकसान पहुंचेगा।

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