यूएन महासभा में पेश की गई चीन की जल नीति

2018-03-25 16:44:04

चीनी प्रतिनिधि मा चाओश्यु यूएन महासभा की बैठक में भाषण देते हुए

संयुक्त राष्ट्र स्थित चीनी प्रतिनिधि मा चाओश्यु ने 23 मार्च को आयोजित यूएन महासभा के“अंतरराष्ट्रीय जल कार्रवाई के 10 साल”शीर्षक पर उच्च स्तरीय बैठक में चीन की जल नीति पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि वर्तमान दुनिया में जल संसाधन, जल पर्यावरण, जल पारिस्थितिकी से जुड़े सवाल दिन प्रति दिन गंभीर हो रहे हैं। जल, मानव के 2030 अनवरत विकास एजेंडे को बखूबी अंजाम दिए जाने के लिए, खास कर गरीबी और भूख को दूर करने, स्वास्थ्य स्तर को उन्नत करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

मा चाओश्यु ने कहा कि चीन सरकार सृजनात्मक, समन्वय, हरित, खुले और समान उपभोग वाली विकास विचारधारा अपनाती है, ताकि मानव और जल का सामंजस्यपूर्ण विकास किया जा सके। पहला, सबसे कठोर जल संसाधन प्रबंधन व्यवस्था का पालन किया जाए। दूसरा, जल प्रयोग की कारगरता को उन्नत करते हुए नागरिकों के जल बचत कार्य पर ज़ोर दिया जाए। तीसरा, जल संसाधन के विकास के दौरान पारिस्थितिक संरक्षण पर बल देते हुए स्वच्छ उत्पादन, हानि रहित उपचार और जल संसाधन के चक्रिय प्रयोग को आगे बढ़ाया जाए। चौथा, जल प्रदूषण की रोकथाम में गति दी जाए और नदी क्षेत्र में जल की गुणवत्ता में सुधार किया जाए। पांचवां, जल पारिस्थितिकी की मरम्मत करते हुए जल पारिस्थितिक शहरों के निर्माण का परीक्षण किया जाए। छठा, जल निपटाने की व्यवस्था को संपूर्ण करते हुए समाज की समान भागीदारी वाला नमूना स्थापित किया जाए।

चीनी प्रतिनिधि मा चाओश्यु ने कहा कि चीन ने विश्व के 6 प्रतिशत मीठे पानी और 9 प्रतिशत खेती योग्य भूमि का प्रयोग कर 21 प्रतिशत की जनसंख्या के खान-पान सवाल का समाधान किया। भविष्य में चीन अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर सहयोग मज़बूत करना चाहता है, ताकि 2030 एजेंडे की प्राप्ति, मानव जाति के साझे भाग्य समुदाय की स्थापना, पारिस्थितिकी सुरक्षा का निर्माण और हरित विकास जैसे लक्ष्यों को साकार किया जा सके।

(श्याओ थांग)

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