वांग यी : हिंद-प्रशांत रणनीति पर चर्चा

2019-08-01 11:38:00

चीनी स्टेट काउंसलर और विदेशमंत्री वांग यी ने 31 जुलाई को थाईलैंड के बैंकोक में चीन-आसियान विदेश मंत्री सम्मेलन में भाग लेने के बाद देसी-विदेशी पत्रकार बैठक में हिस्सा लिया। यह पूछे जाने पर कि अमेरिका, जापान और भारत ने क्रमशः“हिंद-प्रशांत”रणनीति पेश की, इसके बाद गत जून में आयोजित आसियान शिखर सम्मेलन में“आसियान का हिंद-प्रशांत आउटलुक”जारी किया गया, हिंद-प्रशांत अवधारणा एक नयी विषय बन गई। इस पर चीन का क्या विचार है?

वांग यी ने कहा कि यह क्षेत्रीय सहयोग से संबंधित मुद्दा है। कई वर्षों में इसी क्षेत्र के विभिन्न देशों के समान प्रयासों से क्षेत्रीय सहयोग का जोरदार विकास किया जा रहा है, 10 जमा 1, 10 जमा 3 और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन आदि सिलसिलेवार महत्वपूर्ण सहयोगी व्यवस्था कायम हुई। आसियान को केंद्र बनाकर बाहर की ओर विस्तार वाला सहयोगी ढांचा स्थापित किया गया, जिन्होंने क्षेत्रीय शांति और विकास के लिए अहम भूमिका निभाई।

वांग यी ने कहा कि क्षेत्रीय सहयोग के महत्वपूर्ण भागीदार और योगदानकर्ता होने के नाते चीन हमेशा से सहयोग में खुलेपन और रचनात्मक रुख अपनाता है। चीन का विचार है कि कोई भी पहल हो या कल्पना की प्रस्तुति तीन सिद्धांतों का पालन किया जाना चाहिए। यानी कि पूर्वी एशिया और एशिया पर केंद्रित होकर क्षेत्रीय सहयोगी व्यवस्था और फल प्रभावित नहीं होना चाहिए। दूसरा, सहयोग और आम सहमति पर केंद्रित होना चाहिए, न कि प्रतिरोध और संघर्ष करना। तीसरा, खुलेपन और समावेश पर केंद्रित होना चाहिए, न कि छोटा समूह गठित करना।

(श्याओ थांग)  

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